थकान मिटाने और चर्म रोगों से निजात दिलाने वाला गर्म पानी का झरना – गंगनानी कुंड

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में, गंगोत्री हाईवे से लगभग 42 किमी की दूरी पर स्थित है गंगनानी कुंड। यह कुंड अपने गर्म पानी के झरने…

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में, गंगोत्री हाईवे से लगभग 42 किमी की दूरी पर स्थित है गंगनानी कुंड। यह कुंड अपने गर्म पानी के झरने और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ रुककर कुंड में स्नान करना नहीं भूलते। ऐसा माना जाता है कि इस कुंड के पानी में स्नान करने से थकान दूर होती है और चर्म रोगों से भी निजात मिलती है।

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गौरतलब हो, कुंड का पानी गंधक और सल्फर युक्त है, जिसके कारण यह हल्का गर्म रहता है। गर्म पानी त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे चर्म रोग, दाद, खाज और खुजली में राहत प्रदान करता है। इसी कारण से यहाँ साल भर पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है, खासकर सर्दियों के मौसम में जब गर्म पानी के झरने में स्नान का अलग ही आनंद होता है।

गंगनानी कुंड के पास ही महर्षि पराशर का मंदिर भी है। पराशर ऋषि भगवान शिव के अनन्य भक्त और वैदिक ज्योतिष शास्त्र के रचयिता थे। वे महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास के पिता भी थे। गंगनानी में दो कुंड वशिष्ठ कुंड और व्यास कुंड है। वशिष्ठ कुंड में महिलाएं स्नान करती हैं, जबकि व्यास कुंड पुरुषों के लिए है। मान्यता है कि महर्षि पराशर ने यहाँ हजारों वर्षों तक तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप इस गर्म पानी के झरने का उद्गम हुआ।

बता दें, गंगनानी कुंड उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से लगभग 42 किमी दूर है। आप यहाँ बस या टैक्सी से आसानी से पहुँच सकते हैं। वाहन पार्क करने के बाद, सीढ़ियाँ चढ़कर दायीं ओर पहाड़ पर बने कुंड तक पहुँचा जा सकता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ होटल और रेस्टोरेंट भी उपलब्ध हैं।

गंगनानी कुंड प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व का अनूठा संगम है। यह स्थान तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को शांति और सुकून का अनुभव प्रदान करता है।