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नए रिसर्च ने बढ़ाई टेंशन , कोविशील्ड लगाने वालो को हो सकती है यह दुर्लभ बीमारी

कोविशील्ड लगवाने वालों के लिए एक और टेंशन की खबर सामने आई। जिसका खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सनी कोविशील्ड लगवाने वालों को खून का थक्का जमने की दुर्लभ बीमारी का सामना करना पड़ सकता है।

ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा दुनिया भर में अपने कोविड-19 टीके वापस लेने के एक सप्ताह बाद नए शोध ने लोगों में हैरानी पैदा कर दी है।शोधकर्ताओं ने पाया कि भारत में कोविशील्ड नाम से बेची जाने वाली एस्ट्राजेनेका वैक्सीन से वैक्सीन-प्रेरित इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और थ्रोम्बोसिस (वीआईटीटी) नामक एक दुर्लभ रक्त का थक्के जमने की बीमारी होने का खतरा है।

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों के अनुसार, वीआईटीटी 2021 नई बीमारी नहीं है बल्कि यह कोविड-19 महामारी के दौरान उभरी। यह विशेष रूप से ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद ही उभरी। फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने हाल ही में न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में अपना यह अध्ययन साझा किया।

एक नए शोध में, ऑस्ट्रेलिया के फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय ने अन्य विशेषज्ञों ने पाया कि एडेनोवायरस संक्रमण से जुड़े वीआईटीटी के साथ-साथ क्लासिक एडेनोवायरल वेक्टर वीआईटीटी में पीएफ4 एंटीबॉडी समान एटॉमिक फिंगरप्रिंट साझा कर रहे थे। जो रक्त का थक्का जमने के कारक हो सकते हैं।