team formed to review progress work

— जिला पंचायत के सरमोली वार्ड के 25 ग्राम पंचायतों में चलने वाले कार्य होंगे दायरे में, कमेटी में 28 सदस्य

पिथौरागढ़। जिला पंचायत के सरमोली वार्ड के 25 ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए मुनस्यारी में शनिवार को एक निगरानी कमेटी का गठन किया गया है, जिसमें 28 लोगों को सदस्य बनाया गया है। इस दौरान कहा गया कि जल निगम, जल संस्थान, यूपी निर्माण निगम के साथ ही ग्रामीण निर्माण निगम जैसी कार्यदायी संस्थाओं की अभी तक की गई शिकायतो पर कार्यवाही नहीं होने पर जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।


जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया की पहल पर शनिवार को विकास खंड सभागार में आयोजित बैठक में निगरानी समिति बनाने की पहल की गई। बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में घटिया किस्म की साग्री का प्रयोग किया जा रहा है। कार्यदायी संस्थाए मनमाने ढंग से कार्य कर रही हैैं। इन पर प्रशासन का भी कोई नियत्रंण नहीं है।


बैठक में विशेष तौर पर जल निगम व ग्रामीण निर्माण विभाग के कार्यों को लेकर अधिक रोष नजर आया। एक करोड़ 74 लाख रुपये की लागत से बन रही मुनस्यारी पेयजल योजना के निर्माण में हुए घपले की जांच धीमी होने पर भी आपत्ति जताई गई। कहा गया कि इस निर्माण कार्य में उपयोग की गई घटिया किस्म की सामाग्री के जो नमूने लिए गये हैं, उनकी जांच पंतनगर विश्वविद्यालय तथा रुड़की विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला से कराई जाये।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण निर्माण विभाग डीडीहाट द्वारा चल रहे 6 निर्माण कार्यों की शिकायत पर एसडीएम ने निर्माण सामग्री सील कर जांच के लिए भेजने की जगह मात्र डीएम को पत्र की प्रति भेजकर विभाग को राहत देने का काम किया है। कहा कि सरकारी धन को ठिकाना लगाने वाले इस विभाग को बचाने के हर कृत्य का विरोध किया जायेगा।

इस दौरान निगरानी कमेटी के लिए राजेन्द्र सिंह दास्पा को आरटीआई सेल व टेक्निकल पार्ट, एड. देब सिंह बोरा को लीगल सेल, बीएसएफ के सेवानिवृत कमांडेंट राम सिंह धर्मसक्तू को निगरानी सेल का संयोजक बनाया गया। तय किया गया कि कमेटी की हर माह बैठक होगी और ग्राम स्तर पर भी इसकी शाखा बनेगी, जो गांवों में विकास कार्यो पर नजर रखेगी। बैठक में तुलसी देवी, शांति दास्पा, नेहा पांगती, बसंती बृजवाल, कालू राम, बीरु बृजवाल, धाम सिंह निर्खुपा, रघुनाथ रावत, भूपेन्द्र जंगपांगी, देब सिंह पापड़ा, एड. हरीश चिराल, पुष्कर नित्वाल, हीरा सिंह चिराल, विनोद पांगती, कैलाश कोरंगा आदि मौजूद थे।