प्रयागराज : डेंग्यू पेशेन्ट‌ को प्लेटलेट्स‌ की जगह मौसमी रस चढ़ाने का आरोप , मरीज की जान गई जॉच पूरी होने तक अस्पताल को किया सील

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Prayagraj: Dengue patient accused of offering musambi(sweet orange) juice instead of platelets, the hospital sealed till the completion of the patient’s life

आरोप सही है तो झकझोर देने वाला है प्रयागराज में डेंगू पेशेंट को प्लेटलेट्स की जगह मौसमी का जूस चढ़ाने का कथित आरोप सामने आया है आरोप है कि इससे मरीज की जान चली गई।
मामला सोशल मीडिया में खूब चल रहा है और प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है।

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): प्रयागराज में डेंग्यू पेशेंट को प्लेटलेट्स की जगह मौसमी का जूस चढ़ाने की वजह से जान गंवाने का आरोप लगा है।


यह सनसनीखेज मामला प्रयागराज के झलवा इलाके से जुड़ा है। आरोप है कि डेंग्यू होने के चलते प्रदीप कुमार पाण्डेय को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।


मृतक के रिश्तेदार का आरोप है कि यहीं मरीज को प्लेटलेट्स की जगह मौसमी का जूस चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी जान चली गई। मामले के सोशल मीडिया में आने के बाद प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है।


एनडीटीवी की खबर के अनुसार मृतक के साले सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि जब उसके जीजा (मृतक)प्रदीप कुमार पाण्डेय की प्लेटलेट्स घटने लगी और 12-13 हज़ार तक पहुंच गई तो अस्पताल के डॉक्टरों ने उनसे 8 यूनिट प्लेटलेट्स का इंतजाम करने को कहा।


इसके बाद परिजनों ने 3 यूनिट प्लेटलेट्स मैनेज किए।इससे प्रदीप की हालत में थोड़ा सा सुधार हुआ लेकिन बाकी पांच यूनिट प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रहे थे।

खबर के मुताबिक इस दौरान अस्पताल की बिल्डिंग के मालिक के बेटे सतीश साहू ने उनसे 5 यूनिट प्लेटलेट्स का इंतज़ाम करने के बदले में 25 हज़ार रुपये की मांग की। हारकर प्रदीप के घर वालों ने सतीश साहू से 25000 रुपये में 5 यूनिट प्लेटलेट्स खरीद लिए, लेकिन जब प्रदीप को प्लेटलेट्स चढ़ने लगा तो उनकी हालत बिगड़ने लगी और अस्पताल प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए। अस्पताल की तरफ से कहा गया कि प्रदीप को कहीं और ले जाने को कहा।


प्रदीप के घर वाले 18 अक्टूबर को उन्हें दूसरे निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे लेकिन अब तक प्रदीप की हालत बहुत बिगड़ चुकी थी, प्रदीप की किडनी डैमेज हो चुकी थी, कई नसें फट चुकीं थीं।

इस दौरान 25000रुपये में खरीदे गए 5 यूनिट प्लेटलेट्स में से बची एक यूनिट प्लेटलेट्स प्रदीप के घर वालों ने उस निजी अस्पताल के डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने कहा इसमें प्लेटलेट्स नहीं है, बल्कि प्लेटलेट्स की जगह मौसमी का जूस है और केमिकल भी मिला हुआ है‌।


एनडीटीवी की खबर के अनुसार प्रयागराज में डेंगू फैलने के बाद इन दिनों यह धंधा जोरों पर चल रहा है. लोग प्लेटलेट्स की कालाबाजारी तो कर ही रहे हैं।


इधर इस घटना में प्रदीप की हालत लगातार बिगड़ती गई और 19 अक्टूबर को प्रदीप की मौत हो गई। प्रदीप की उम्र महज 32 साल थी और उनका भरा पूरा परिवार था. प्रदीप के साले सौरभ त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों को सजा दिलाएं।


वहीं, इस घटना के सोशल मीडिया पर वायरल होने पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया. cmo ने मामले को संज्ञान में लेते हुए आज दो डॉक्टरों की जांच टीम गठित कर दी।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, “परिवार के पास अभी भी चढ़ाई गई प्लेटलेट्स की एक यूनिट बची है। प्लेटलेट्स की आखिरी यूनिट जो परिवार के पास है उसकी जांच की जाएगी। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार शाम अस्पताल को सील कर दिया गया था। ये जांच खत्म होने तक सील रहेगा।”

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