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freedom fighter moti singh negi dies

उत्तराखंड। भारत की आज़ादी के आंदोलन के सेनानी और समाजसेवी रहे मोती सिंह नेगी (Moti singh) का शुक्रवार शाम देहानवास हो गया। सौ वर्षीय श्री नेगी जी ने कोटद्वार रोड स्थित आवास में अंतिम सांस ली। बीते कुछ समय से वह अस्वस्थ चल रहे थे।


मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत ब्लॉक के कनौली गांव के रहने वाले मोती सिंह नेगी जी ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रूप से भाग लिया। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में वह झांसी में 6 माह जेल में रहे। इस दौरान प्रताड़ना के खिलाफ वह सात दिन भूख हड़ताल पर रहे। 27 फरवरी 1943 को वह जेल से रिहा हुए।


आज़ादी के बाद वह समाज सेवा से जुड़े। कई सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे। हाल ही तक वह सामाजिक राजनैतिक कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देते रहे। उनके निधन से रामनगर में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार आज सुबह होगा।