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बिना धड़कन के 1 महीने से ज्यादा जिंदा रहा यह शख्स, जाने दुनिया के पहले हार्टलेस इंसान के बारे में

Smriti Nigam
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क्रेग लुईस के नाम एक अनोखा इतिहास दर्ज है। उन्हें दुनिया का पहला हार्टलेस इंसान माना जा रहा है और अब उन्हें याद भी किया जा रहा है। दरअसल वह बिना धड़कन के 1 महीने से अधिक समय से जिंदा थे जबकि डॉक्टर ने साफ-साफ यह कह दिया था कि 12 घंटे से अधिक समय तक यह जिंदा नहीं रह सकते।

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वैसे तो इंसान के शरीर में कई सारे अंग है जो उन्हें जिंदा रहने के लिए जरूरी होते हैं लेकिन कुछ अंग ऐसे होते हैं जिसके बिना इंसान कुछ घंटे भी जिंदा नहीं रह सकता है यूं कहे कि इन अंगों के बिना उसका जिंदा रहना भी नामुमकिन है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है दिल यानी कि हार्ट। इसके बिना किसी के भी जीने की उम्मीद नहीं की जा सकती है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो बिना धड़कन के 1 महीने से ज्यादा समय तक जिंदा रहा और अब इस दुनिया का पहला हार्टलेस इंसान कहा जा रहा है।

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लैडबाइबल नामक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2011 में टेक्सास हार्ट इंस्टीट्यूट के दो डॉक्टरों ने एक ऐसा उपकरण बनाया था, जिसने आधुनिक चिकित्सा की दुनिया में तहलका मचा दिया। यह उपकरण दिल की धड़कन के बिना ही इंसान को जिंदा रख सकता है। इन दोनों डॉक्टरों ने यह उपकरण दिल की धड़कन के बिना भी इंसान को जिंदा रखने के लिए बनाया है। इन दोनों डॉक्टरों ने सबसे पहले इस उपकरण का प्रयोग एक 8 महीने के बछड़े पर किया था। उन्होंने उसके दिल को हटा दिया था और उसकी जगह खुद के बने उपकरण को फिट कर दिया था जो खून को बछड़े के पूरे शरीर में पहुंचाने का काम करता था। डॉक्टरों ने कुल 38 बछड़ों पर इसका प्रयोग किया, जो सफल रहा।

बाद में डॉक्टरों ने इस उपकरण का प्रयोग इंसानों पर भी करने का विचार किया और उन्होंने इसके लिए क्रैग लुइस को चुना। क्रैग 55 साल के थे और अमाइलॉइडोसिस नाम की बीमारी से पीड़ित थे। यह दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी थी, यह बीमारी शरीर में असामान्य प्रोटीन का निर्माण करती थी और तेजी से हार्ट, किडनी और लीवर फेलियर का कारण बनती थी। क्रेग का दिल भी क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉक्टर ने उन्हें से 12 घंटे का समय दिया था। ऐसे में मार्च 2011 में  क्रेग की पत्नी लिंडा ने डॉ. बिली कोहन और डॉ. बज फ्रैजियर से संपर्क किया।

लिंडा के कहने पर डॉक्टर कोहन और डॉ. फ्रैजियर ने उनके पति का क्षतिग्रस्त हार्ट निकालकर उसकी जगह पर अपना कृत्रिम उपकरण लगा दिया बताया जाता है कि यह उपकरण लगने के बाद क्रेज धीरे-धीरे ठीक होने लगे लेकिन फिर उनकी हालत बिगड़ गई क्योंकि उनकी बीमारी ने उनके लीवर और किडनी पर भी हमला कर दिया था और इस साल अप्रैल में उनकी मौत हो गई पर मरने से पहले क्रेन ने इतिहास रच दिया। वह पल्सलेस हार्ट के साथ एक महीने से अधिक समय तक जीवित रहने में कामयाब रहे।