अल्मोड़ा, 25 अक्टूबर 2020- अल्मोड़ा का मोहम्मद अमन है तो केवल 12 साल का लेकिन उसके हाथों का हुनर बड़े से कलाकारों से कम नहीं है|(artistic effigies of Ravana family)

अमन अल्मोड़ा के थाना बाजार में रहता है और पिछले चार सालों से अपने स्तर से रावण परिवार के अलग-अलग व छोटे छोटे पुतले (artistic effigies of Ravana family) बनाते आ रहा है|

पुतले भले ही छोटे होते है लेकिन कलात्मकता इतनी शानदार है कि लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है|

कोरोना संकट के दौरान जब सभी प्रकार के सार्वजनिक आयोजनों पर सरकार की गाइड लाइन के अनुसार प्रतिबंध लगा हुआ है यह एक निश्चित सीमा तक ही लोगों को शामिल होना है या धार्मिक कार्यक्रम बनाए जाने हैं| उसके बाद भी अमन का मन नहीं माना और इन्होंने एक पुतला (artistic effigies of Ravana family)अपने घर में ही बना डाला जिसका नाम है धनवापुर|

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अमन का कहना है कि यह धनवान है कोरोना संकट के दौरान जिस तरह से लोग सभी प्रकार की परेशानियों खासकर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं वह सारी परेशानियां नगर व नगर के आसपास क्षेत्रों में भविष्य में या आने वाले समय में धन की बरसात हो इसी उद्देश्य से इन्होंने यह पुतला (artistic effigies of Ravana family)
बनाया है|

वरिष्ठ व्यापारी व सामाजिक कार्यकर्ता हरेन्द्र वर्मा ने बताया कि अमन पिछले चार सालों से रावण परिवार के कलात्मक पुतले (artistic effigies of Ravana family) बनाता आ रहा है और पूरी तन्मयता व रोचकता से पुतले बना रहा है| उन्होंने कहा कि इस बाल कलाकार के पुतले काफी आकर्षक होते हैं और यह बच्चा अपनी कल्पना से पुतलों का निर्माण करता है|

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