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कोविशील्ड टीका लगाने से दो बेटियों की मौत , माता पिता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के खिलाफ करेंगे मुकदमा

भारत में वैक्सीन बेचने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका ने अदालत में इस बात को स्वीकार किया था कि उनका टीका दुर्लभ बीमारी पैदा कर सकता है। रक्त के थक्के सहित दुष्प्रभाव के असर देखने को मिल सकते है।

इसके बाद अब कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद मरने वाली दो भारतीय महिलाओं के माता-पिता ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का फैसला लिया है। एस्ट्राजेनेका का मामला सामने आने के बाद मृतक बेटियों के अभिभावकों को न्याय की उम्मीद जगी है।

18 वर्षीय रितिका ओमत्री, जिन्होंने अभी-अभी 12वीं कक्षा पूरी की थी, 2021 में जब कोविड आया, तब वह आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रही थीं। मई में, वह कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के लिए अपने माता-पिता के साथ गई थीं। हालांकि, 7 दिनों के भीतर, रितिका को तेज़ बुखार हुआ और उल्टी होने लगी और वह चल नहीं पा रही थी, जिसके बाद इसको एमआरआई स्कैन के लिए ले गए, जिसमें पता चला कि उसके मस्तिष्क में कई रक्त के थक्के थे और रक्तस्राव हुआ था।

दो सप्ताह में रितिका को मृत घोषित कर दिया गया। जब रितिका की मौत हुई उसके माता-पिता को उसकी मौत के असल कारणों का पता नहीं चला पाया था। लेकिन बाद में दिसंबर में दो RTI के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद उसके परिवार को स्पष्टीकरण मिला कि रितिका को “थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम के साथ घनास्त्रता” का सामना करना पड़ा था और “वैक्सीन” के कारण उसकी मृत्यु हो गई। वही एसी ही एक और घटना वेणुगोपाल गोविंदन की बेटी करुण्या की भी टीकाकरण के एक महीने बाद जुलाई 2021 में मृत्यु हो गई।