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अल्मोड़ा। गांजा तस्करी के मामले में सुनवाईं करते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

सल्ट क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही थी गांजा तस्करी

अभियाजन कहानी के अनुसार 12 अगस्त 2020 को पुलिस कर्मी (सल्ट) जपा तिराहे पर वाहनों की चैकिंग कर रहे थे। और इसी दौरान जब वाहन संख्या- एचआर-55वी 5522 स्विफ्ट डिजायर (सफेद रंग) को रोककर चैंकिंग की गई तो वाहन की डिग्गी में छुपाकर गांजा तस्करी किया जाना पाया गया।

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यह गांजा चार टाट के कट्टो में रखा गया था जिसका वजन 32 किलो 450 ग्राम था। इसके बाद पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर माल को सील करते हुए दो लोग धर्मेन्द्र पुत्र देवी चरण निवासी संग्रामपुर जिला अलीगढ हाल निवासी चिपियाना बजरू गौतम बुद्ध नगर ग्रेटर नोएडा और दिगंबर पुत्र राजेन्द्र सिंह निवासी गंगापुर जट्टारी जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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गांजा तस्करी के मामले में जेल भेजे गये अभियुक्त गणों ने अपने अधिवक्ता की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने अभियुक्तगणों की जमानत का विरोध किया।

जिला शासकीय अभिवक्ता ने न्यायालय को यह बताया कि अभियुक्त गणों को उक्त वाहन स्विफ्ट डिजायर (सफेद रंग) की डिग्गी से अवैध गांजा 32 किलो 450 ग्राम उनके वाहन से संयुक्त रूप से तलाशी लेने से बरामद हुआ है । और अगर अभियुक्तों को जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वह दोबारा ऐसी घटना की पुनरावृत्ति कर सकते है। जिस कारण अभियुक्तगण की जमानत का कोई औचित्य नहीं है।पत्रावली में मौजूद साक्ष्य का परिशीलन करते हुए विशेष सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत ने गांजा तस्करी के मामले में अभियुक्त गणों के जमानत प्रार्थना पत्र को सोमवार को खारिज कर दिया।

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