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उपनल कर्मचारी संघ ने वेतन-वृद्धि और कर्मचारियों को न हटाए जाने की मांग उठाई

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देहरादून। उत्तराखंड के लगभग सभी सरकारी विभागों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उनके वेतनमान में वृद्धि की जाए तथा विभिन्न विभागों में ‌कार्यरत कर्मचारियों को हटाया न जाए। गुरुवार को हुई उपनल कर्मचारी महासंघ की आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि कर्मचारियों की बहाली व हटाने पर रोक नहीं लगती तो सभी कर्मचारी आंदोलन करेंगे। बताते चलें कि उपनल कर्मचारी अल्प वेतनमान में बीते कई सालों से सेवाएं दे रहे हैं और इनके उस अल्प वेतन से भी GST कटौती की जाती है। साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिमाह प्रोत्साहन भत्ते का आदेश भी अभी तक लागू नहीं हो पाया है।

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जानकारी के अनुसार बैठक में सभी पदाधिकारियों ने एकसुर में सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। वक्ताओं ने कहा-उपनल कर्मियों को समान कार्य का समान वेतन, चरणबद्ध नियमितीकरण और GST से मुक्ति संबंधी वाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जब मामला कोर्ट में होता है तो उस दौरान संबंधित और प्रभावितों पर यथास्थिति लागू रहती है, परन्तु फिर भी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जा रहा है। दूसरी तरफ, सैनिक कल्याण मंत्री, विभागी सचिव भी कई बार कर्मियों को न हटाने का आश्वासन दे चुके हैं लेकिन रोक नहीं लग रही।

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बताया गया कि राज्य विभाग, ईएसआई, दून विश्वविद्यालय, कृषि, खाद्य सहित अनेक विभागों में उपनल कर्मियों के पदों पर नियमित भर्तियां हो रही हैं। संघ का कहना है कि यदि सरकार ने इस विषय पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संघ के पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।