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पीएचडी के छात्र ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, 1000 से ज्यादा सर्टिफिकेट किए हासिल, फिर यहां नाम हुआ दर्ज

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दरअसल बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के हार्टिकल्चर विभाग के शोध छात्र नीरज कुमार प्रजापति का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अचीवर के रूप में दर्ज किया गया है। उनको यह अचीवमेंट 1000 से ज्यादा प्रमाण पत्र हासिल करने की उपलब्धि पर मिले हैं।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में यूं तो कई तरह के रिकॉर्ड दर्ज हैं लेकिन लखनऊ के पीएचडी के छात्र ने बेहद अनोखा काम कर दिखाया है जिसकी वजह से आप इनका नाम रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। दरअसल बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर विभाग के शोध छात्र नीरज कुमार प्रजापति का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। यह उपलब्धि उन्हें विभिन्न कॉन्फ्रेंस , सेमिनार, ट्रेनिंग, लेक्चर, मीनिंग, वेबिनार, कार्यशाला, क्विज में भाग ले कर एक हजार से ज्यादा प्रमाण पत्र हासिल करने पर मिली है। वह वर्तमान में बीबीएयू के हार्टिकल्चर विभाग के प्रो. संजय कुमार के अधीन शोध कार्य कर रहे हैं।

नीरज प्रजापति का कहना है कि वह वाराणसी के रहने वाले हैं और उनके पिता एक किसान है। सर्टिफिकेट हासिल करने का उनमें जुनून था और यही वजह है कि जब उन्हें पता चलता था कि कोई भी जागरूकता कार्यक्रम हो रहा है या फिर कहीं पर कोई कॉन्फ्रेंस डिबेट या किसी तरह का कोई कार्यक्रम चल रहा है तो वह वहां पर जरूर जाते थे और उसमें जरूर भाग लेते थे।

दर्ज किया इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड‌ में नाम

नीरज की खास बात यह रही कि उन्होंने हर जगह अच्छा प्रदर्शन किया जिस वजह से उन्हें सभी कार्यक्रमों में सर्टिफिकेट भी दिया गया। जब नीरज को लगा कि 1000 से ज्यादा सर्टिफिकेट उनके पास हो गए हैं तो उन्होंने अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड के लिए भेजा और अब उनका नाम दर्ज हो चुका है। यह उनके लिए गर्व का पल है क्योंकि ऐसा अनोखा रिकॉर्ड अभी तक किसी ने नहीं बनाया।

दूसरे अनोखे रिकॉर्ड पर होगा फोकस

नीरज प्रजापति ने कहा कि जब वह इन कार्यक्रमों में जाते थे तो उन्हें कभी नहीं पता था की इस तरह का रिकॉर्ड भी वह कायम कर लेंगे लेकिन एक रिकॉर्ड बनाने के बाद अब भविष्य में दूसरे अनोखे रिकॉर्ड बनाने के लिए भी उनका फोकस होगा।