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एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन, दो डॉक्टरों के निलंबन की मांग

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एम्स ऋषिकेश में नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद अब नर्सिंग स्टाफ ने दो डॉक्टरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नर्सिंग स्टाफ ने आरोप लगाया है कि इन डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है।

गौरतलब हो, नर्सिंग स्टाफ ने चेतावनी दी है कि यदि दो डॉक्टरों को निलंबित नहीं किया गया तो शनिवार को (आज) सुबह 8 बजे से इमरजेंसी और ट्रामा सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा।

नर्सिंग स्टाफ ने अपने आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि दोनों डॉक्टरों ने उनके उप नर्सिंग अधीक्षक (डीएनएस) के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। एक महिला चिकित्सक से छेड़खानी के मामले में उनके डीएनएस और एनएस का नाम गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। एनएस ने ही प्रशासन को घटना की जानकारी दी थी और डॉक्टर एएनएस पर ओटी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप लगा रहे हैं जो कि बेबुनियाद है।

बता दें, शुक्रवार को एम्स के नर्सिंग स्टाफ ने डीन एकेडमिक कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। धरने के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित नहीं किया गया है और नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि वे आरोपी डॉक्टरों के समर्थन में आंदोलन नहीं कर रहे हैं और न ही उन्होंने कोई कार्य बहिष्कार किया है।

एम्स ऋषिकेश के पीआरओ संदीप कुमार ने कहा कि आंदोलित नर्सिंग स्टाफ से बातचीत की जा रही है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम निकलेगा। यह स्थिति एम्स ऋषिकेश के प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। नर्सिंग स्टाफ की मांग को पूरा न करने की स्थिति में अस्पताल में सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं।