अल्मोड़ा में बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से दिलाए निजात,वर्ना महिला कल्याण संस्था करेगी आंदोलन

Newsdesk Uttranews
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अल्मोड़ा में महिला कल्याण संस्था ने एक बैठक कर आवारा ​कुत्तों और बंदरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है। बैठक में महिलाओं ने कहा कि बंदरों एवं कुत्तों के आतंक के बावजूद प्रशासन मौन है और इससे निजात के लिए कोई उपाय नही किया जा रहा है,मजबूरन उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

आज हुई बैठक में महिलाओं ने कहा कि आए दिन बंदरों और कुत्तों के आतंक से जनता परेशान है। जहां बंदर दर घर से सामान उठाने के साथ ही लोगों को काट भी रहे हैं ,वही कुत्ते राह चलते लोगों पर झपट रहे हैं और स्कूल जाते बच्चों को भी परेशान कर रहे हैं कुत्तों के काटे एवं बंदरों के काटे लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है । कई बार ज्ञापन देने के बाद भी अभी तक इसमें कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।


​महिलाओं ने कहा कि पूर्व में भी उन्होने इस मामले को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी और प्रशासन से वार्ता के बाद इसे स्थगित कर दियिा गया था,उस वार्ता में उप जिलाधिकारी ने अल्मोड़ा में आवारा कुत्तों और बंदरों का हर रोज बंध्याकरण अभियान चलाने की बात कही थी और इसके लिए स्थायी पशु चिकित्सक की तैनाती पर भी हामी भरी थी। उक्त वार्ता में यह सहमति बनी थी कि बंदरबाड़ा बनाकर पहले बंदरों का बंध्याकरण करके उसमें रखा जाएगा और जब बंदर का स्वास्थ्य ठीक होगा तो फिर उन्हें जंगलों में ले जाकर छोड़ दिया जाएगा। लेकिन 1 साल गुजर जाने के बाद भी अभी तक ना किसी डॉक्टर की नियुक्ति हुई है और ना ही बंदरबाड़ा बनाया गया। उक्त वार्ता में ही यह भी कहा गया था कि बंदर पकड़ने में बहुत खर्च आता है इसलिए वन विभाग के ही कुछ लोगों को बंदर कुत्तों को पकड़ने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी ।


महिलाओं ने कहा ​कि यह केवल अल्मोड़ा का नही पूरे उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों का है। इसलिए सरकार हर जिले में एक वेटनरी डॉक्टर की नियुक्ति करें और बंदरों व कुत्तों के बंध्याकरण की प्रक्रिया को तेज करे।


रीता दुर्गापाल की अध्यक्षता और पुष्पा सती के संचालन में संपन्न बैठक में सुनैयना मेहरा, ममता चौहान,आशा कर्नाटक,आशा पंत,मंजू जोशी,दीप सतीश जोशी,मंजू रावत,चंद्रा अग्रवाल,दीपा जोशी,अनुराधा अग्रवाल,अंजू अग्रवाल,अदिति अग्रवाल पांडे,गीता शाह,मंजू अग्रवाल,रेखा चौहान,रमा जोशी,राधिका जोशी,सरला बिष्ट आदि महिलाएं मौजूद रही।

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