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उत्तराखण्ड में वन भूमि में अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थल हटेंगे,मंत्री ने कही यह बात

Newsdesk Uttranews
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Gramodhyoh Vikas Sansthan raised the demand
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वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन भूमि में अतिक्रमण कर बनाए गए सभी धार्मिक स्थलों को हटाया जाएगा। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंत्री उनियाल ने बताया कि वन भूमि में बनाए गएं 337 धार्मिक स्थलों को चिन्हित किया गया है और इनमें से जो भी अतिक्रमण के दायरे में आएगा उसे हटाया जाएगा।

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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार वन मंत्री ने कहा कि वन सरंक्षण अधिनियम 1980 से पहले बने धार्मिक स्थल इस आदेश से बाहर होंगे। वन मंत्री ने कहा कि चाहे वहे मंदिर,मस्जिद या मजार जो भी हो अगर वह वन भूमि में 1980 के बाद अतिक्रमण कर बनाए गए होंगे तो वह हटाएं जाएंगे। उनियाल ने साफ किया कुछ लोग इसे धार्मिक नजरिए से देख रहे है लेकिन सरकार वन भूमि में अतिक्रमण पर समान रूप से कार्रवाही करेगी।

वन मंत्री ने कहा कि वन भूमि में हुए अतिक्रमण कर बने धार्मिक स्थलों के बारे में हर प्रभाग रेंज स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रहा है,इसका डाटा तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किया गया है।


उन्होंने बताया कि इस संंबंध में प्रभागवार रेंज स्तर पर डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। सभी प्रभागों से डाटा मिल जाने पर इसका खुलासा होगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई नई नहीं है, लेकिन इसमें तेजी लाने के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है।