शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्लैनेटस्कूल द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर जीवनधाम अल्मोड़ा में प्लैनेटस्कूल जर्मन स्कूल और शतभिषा एआई प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी संजय कुमार कोहली उपस्थित रहे।
एसडीएम ने किया एआई प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विभिन्न रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों के साथ हुआ जिनमें पोस्टर लॉन्च वर्चुअल सत्र काव्य प्रस्तुति डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशिक्षण सीएसआर कार्यशाला स्वास्थ्य एवं फिटनेस परीक्षण तथा छात्र आचार्य संवाद प्रमुख रहे।
मुख्य अतिथि संजय कुमार कोहली ने अपने संबोधन में शिक्षा में तकनीकी नवाचारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शतभिषा एआई प्रोजेक्ट का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने लाइव सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया।
मल्टीलिंगुअल शिक्षा और एआई आधारित प्रणाली की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्लैनेटस्कूल के चेयरपर्सन सुनीत जी ने प्लैनेटस्कूल मॉडल का उद्घाटन करते हुए मल्टीलिंगुअल शिक्षा जर्मन लैंग्वेज स्कूल तथा एआई आधारित शिक्षण प्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं अभिषेक वर्मा ने सीएसआर गतिविधियों उनके क्रियान्वयन और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
शिक्षकों को मिला डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण
शिक्षकों के लिए आयोजित प्रशिक्षण सत्र में सुमित वर्मा ने प्लैनेटस्कूल डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग विद्यार्थियों के एनरोलमेंट तथा नियमित वर्चुअल कक्षाओं के संचालन की प्रक्रिया समझाई। इसके अतिरिक्त मयंक वर्मा और रोहित जोशी द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस का डिजिटल मापन कर उन्हें प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया।
इस कार्यक्रम में आसपास के लगभग नौ विद्यालयों जिनमें सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर शामिल हैं उनके शिक्षकों और आईटी कोऑर्डिनेटर्स ने सक्रिय सहभागिता की। विद्यालय की प्रधानाचार्या पूनम जोशी की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्होंने इस पहल को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
उत्तराखंड के 100 विद्यालय जुड़ेंगे एआई प्रोजेक्ट से
आपको बता दें कि शतभिषा एआई प्रोजेक्ट के अंतर्गत पूरे उत्तराखंड के 100 विद्यालयों का चयन कर उन्हें इस प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई भाषाओं के साथ सीखने का अवसर मिलेगा।




