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बेरीनाग में 20 लाख की धोखाधड़ी मामला— फर्जी दस्तावेज बनाने के मददगार को पुलिस ने धर दबोचा

Newsdesk Uttranews
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पिथौरागढ़। फर्जी दस्तावेज बनवाने में सहयोग करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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पिछले वर्ष 22 सितंबर को भीम सिंह पुत्र गोपाल सिंह, निवासी बेरीनाग ने थाना बेरीनाग में एक तहरीर दी। बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को मनीष पाठक पुत्र जयदत्त पाठक, निवासी ग्राम कराला, पोस्ट धरमघर बताया और उससे जान पहचान बढ़ाकर विश्वास में लेते हुए वादी से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी मनीष पाठक ने स्वयं को ग्राम कराला, पो. धरमघर निवासी जय दत्त पाठक का पुत्र तथा नवीन चंद्र पाठक पुत्र जय दत्त पाठक का भाई बताया था। नवीन पाठक भी मनीष पाठक को अपना भाई बताता था। ऐसे में पूरा क्षेत्र मनीष पाठक को इसी रूप में जानता था।

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मगर बाद में जानकारी करने पर पता चला कि मनीष पाठक ग्राम कराला, धरमघर का निवासी नहीं है। उसने फर्जी दस्तावेज बनवाकर स्थानीय निवासियों का विश्वास जीता और वादी भीम सिंह व क्षेत्रवासियों के साथ धोखाधड़ी कर पैसा हड़प लिया। वादी की तहरीर पर मनीष पाठक के विरुद्ध थाना बेरीनाग में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक बेरीनाग प्रभात कुमार कर रहे हैं। इस बीच पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने को लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने 15 हजार रु का ईनाम भी रखा घोषित किया।


वहीं जांच के दौरान प्रकाश में आया कि आरोपी नवीन चन्द्र पाठक ने मुख्य आरोपी मनीष पाठक को अपना भाई बताकर धोखाधड़ी से स्थानीय स्तर पर फर्जी कागजात बनवाने में सहयोग किया। पुलिस टीम ने बीते 14 जून को आरोपी नवीन चन्द्र पाठक 49 वर्ष, पुत्र जय दत्त पाठक, निवासी कराला महर, थाना थल को चौकोड़ी से गिरफ्तार कर लिया।