हवालबाग (अल्मोड़ा):बच्चों की प्रिय पत्रिका बालप्रहरी एवं भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रन्स एकेडमी, हवालबाग एवं नागरिक शिक्षा केंद्र, हवालबाग में 22 अप्रैल से संचालित पांच दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला का चौथा दिवस अत्यंत रचनात्मक, उत्साहपूर्ण एवं रंगों से सराबोर रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत जनकवि गिरीश तिवारी के लोकप्रिय जनगीत ‘ततूक नि लगा उदेख’ से हुई, जिसके साथ डॉ. विजया ढौंडियाल के प्रेरणादायी संबोधन ने बच्चों में नई ऊर्जा का संचार किया।
आज के अध्यक्ष मंडल में आयुष नेगी, विशाल बिष्ट, तनिषा बिष्ट एवं हर्षिता साह ने अपनी सहभागिता निभाई। शुभांगी पंत और आयुष नेगी ने विगत दिवस की गतिविधियों का सुंदर एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया।
चौथा दिन हस्तलिखित पुस्तकों के लिए बच्चों द्वारा बनाए गए रंगीन एवं आकर्षक मुखपृष्ठ, जिनमें उनकी कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता साफ झलकती रही आकर्षण का केंद्र रहा।
बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बच्चों को कहानी लेखन की बारीकियों से परिचित कराया। बच्चों ने कहानी के प्रमुख तत्व—घटना, पात्र, संवाद, देश-काल एवं परिस्थितियों—को समझते हुए अपनी रचनात्मक सोच को अभिव्यक्त किया।
विभिन्न गतिविधियों जैसे चित्र देखकर कहानी बनाना, कहानी के आधार पर चित्र बनाना, दिए गए शब्दों से कहानी गढ़ना तथा अधूरी कहानी को पूरा करना के माध्यम से बच्चों ने समूहों में मिलकर सुंदर कहानियों का सृजन किया।
भारत ज्ञान विज्ञान समिति की जिलाध्यक्ष डॉ. विजया ढौंडियाल ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व निर्माण, आत्म-अभिव्यक्ति एवं जीवन कौशल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
आज कार्यशाला में विभिन्न समूहों—बाल कवि सम्मेलन, नुक्कड़ नाटक एवं समूह गीत—में बच्चों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इन समूहों का मार्गदर्शन गोविंद कुमार, पीयूष धौनी, रजत मेहता, अंजलि आर्य, लता नेगी, हेम सती एवं गीता मुस्यूनी द्वारा किया गया।
बच्चों द्वारा दीवार अखबार एवं हस्तलिखित पुस्तक का निर्माण भी किया गया, जिसका लोकार्पण समापन समारोह में किया जाएगा।
बच्चों ने अपनी पुस्तकों के लिए रंगीन मुखपृष्ठ के साथ-साथ कार्यशाला की रिपोर्ट एवं लेखक-लेखिका परिचय भी तैयार किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक पंत ने जानकारी दी कि कार्यशाला का समापन सोमवार को प्रातः 10:30 बजे आयोजित समारोह में होगा। उन्होंने अभिभावकों एवं शुभचिंतकों से इस अवसर पर उपस्थित होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
यह कार्यशाला बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बन रही है।



