उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने रानीखेत महाविद्यालय में नव-निर्मित वाणिज्य एवं कला संकाय भवन का किया उद्घाटन
रानीखेत । उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत का भ्रमण कर नव-निर्मित वाणिज्य एवं कला संकाय भवनों का उद्घाटन किया।
इस दौरान आयोजित समारोह में उन्होंने महाविद्यालय को स्वायत्त (ऑटोनॉमस) महाविद्यालय बनाए जाने की दिशा में पहल करने तथा कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित समारोह को संबोधित करते उच्च शिक्षा एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, अनुशासन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में महाविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
इसी आधार पर इसे स्वायत्त महाविद्यालय के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
उन्होंने विद्यार्थियों की मांग पर महाविद्यालय में बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा करने के साथ ही कंप्यूटर शिक्षा को मजबूत करने के लिए 50 अतिरिक्त कंप्यूटर उपलब्ध कराने और आधुनिक सुविधाओं से युक्त कंप्यूटर प्रयोगशाला विकसित करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 200 गद्दीदार कुर्सियों सहित आधुनिक कॉन्फ्रेंस कक्ष की स्थापना की घोषणा की तथा महाविद्यालय के नए- पुराने परिसर को जोड़ने के लिए 40 लाख रुपये की लागत से संपर्क मार्ग निर्माण की स्वीकृति दी।
उन्होंने महाविद्यालय सहायक प्राध्यापिका डॉ. बर्खा रौतेला द्वारा तैयार विकास परियोजना प्रतिवेदन की सराहना करते हुए इसे दूरदर्शी और विकासोन्मुखी प्रयास बताया तथा महाविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने का सुझाव भी दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पाण्डेय ने संस्थान की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए राज्य सरकार और उच्च शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पारूल भारद्वाज व डॉ.पीएम तिवारी ने संयुक्त रुप से किया।
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक डा. प्रमोद नैनवाल, ब्लाक प्रमुख सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, महाविद्यालय परिवार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विधायक ने महाविद्यालय की प्रगति की सराहना करते हुए इसे पर्वतीय क्षेत्र में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बताया।
