Whats-App-Image-2026-04-02-at-4-36-29-PM shree-krishna-vidyapeethm,k

युवा कांग्रेस नेता गोपाल भट्ट ‌की प्रतिक्रिया, मानकों की अवहेलना और मनमानी पर उतर आए हैं निजी नर्सिंग कॉलेज

अल्मोड़ा : युकां नेता और क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल मोहन भट्ट ने जनपद में संचालित निजी नर्सिंग कॉलेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने…

Screenshot 2026 04 26 11 46 13 93 7352322957d4404136654ef4adb64504

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

अल्मोड़ा : युकां नेता और क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल मोहन भट्ट ने जनपद में संचालित निजी नर्सिंग कॉलेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले भी अनेक प्रकरण हो चुके हैं जो नेताओं के दवाब में दबा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संस्थान के छात्रों एवं पत्रकारों को निशाना बना रहे हैं और इन्हें प्रदेश से लेकर अल्मोड़ा स्थानीय नेताओं का है संरक्षण मिला हुआ है।
उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ हो रही इस प्रकार की घटनाओं के बाद युवा कांग्रेस भाजपा से बेटी बचाओ अभियान शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में महिलाओं के साथ उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं,
अनियमितताओं, मनमानी फीस वसूली और छात्रों के उत्पीड़न के आरोपों ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस पूरे मामले को गोपाल भट्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “शिक्षा के नाम पर शोषण” करार दिया है।

‌उन्होंने कहा कि जिले में कई निजी नर्सिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। छात्रों को न तो पर्याप्त शैक्षणिक सुविधाएं मिल रही हैं और न ही प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, लैब सुविधाएं, हॉस्टल व्यवस्था और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता जैसे बुनियादी पहलुओं में गंभीर कमी देखने को मिल रही है, जिससे छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ रहा है।


मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि छात्रों से कथित रूप से निर्धारित फीस के अतिरिक्त जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं। विरोध करने पर छात्रों को डराने-धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं। इससे न केवल छात्रों में भय का माहौल बन रहा है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।


उन्होंने कहा कि इस मुद्दे ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब यह आरोप भी सामने आए कि इन मामलों की रिपोर्टिंग करने जा रहे पत्रकारों को भी डराने-धमकाने की कोशिश की गई। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल शिक्षा व्यवस्था ही नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी सीधा हमला माना जाएगा।


गोपाल भट्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी की कमी के कारण निजी संस्थान मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए गए होते, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।


उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि अल्मोड़ा निजी नर्सिंग कॉलेजों की तत्काल व्यापक जांच कराई जाए। साथ ही, जो संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जिसमें मान्यता रद्द करने तक के कदम शामिल हों।


इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए एक विशेष हेल्पलाइन और निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए, ताकि पीड़ित छात्र बिना किसी डर के अपनी समस्याएं सामने रख सकें।

Leave a Reply