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असम में बाढ़ से हुई तबाही, 3 लाख लोग हुए प्रभावित, अब तक हो चुकी है 35 लोगों की मौत

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असम में बाढ़ की स्थिति और खराब होती जा रही है जिससे 19 जिलों के तीन लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 28 मई से अब तक बाढ़ के पानी में लगातार वृद्धि के कारण मरने वालों की संख्या अभी 35 हो चुकी है। इसके अलावा बाढ़ से अब तक ढाई लाख से ज्यादा पालतू जानवर भी प्रभावित हुए हैं।

करीमगंज सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला है, जहाँ 24 राजस्व सर्किलों में 1,52,133 लोग प्रभावित हुए हैं और 470 गाँव जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ ने विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और बुनियादी ढाँचे को काफ़ी नुकसान पहुँचाया है।

कामपुर में कोपिली नदी ख़तरे के निशान को पार कर गई है, जिससे स्थिति और भी ख़राब हो गई है। प्रभावित ज़िलों में बिश्वनाथ, लखीमपुर, होजई, बोंगाईगाँव, नलबाड़ी, तामुलपुर, उदलगुरी, दरांग, धेमाजी, हैलाकांडी, गोलपारा, नागांव, चिरांग और कोकराझार शामिल हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 19 जून को राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता की। मंत्री डॉ. रानुज पेगु ने आश्वासन दिया कि सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। राज्य भर में सैकड़ो राहत शिविर भी लगाए गए हैं जिसमें 13000 से अधिक प्रभावित लोगों को आश्रय दिया गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है जिससे बाढ़ की स्थिति और खराब हो सकती है।

बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है, विभिन्न जिलों में 29 सड़क क्षति की घटनाएं सामने आई हैं। बारपेटा जिले में एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, और तमुलपुर, दरांग और बोंगाईगांव में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शहरी बाढ़ ने कोकराझार, कामरूप, कछार, कामरूप (एम) और नलबाड़ी जिलों के 21 गांवों को प्रभावित किया है, जिससे निवासियों के सामने चुनौतियां बढ़ गई हैं।