अल्मोड़ा: मकेड़ी क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वरिष्ठ साहित्यकार एवं शिक्षाविद नीरज पंत के आवासीय मकान की छत पर अचानक एक विशालकाय सूखा चीड़ का पेड़ गिर गया।
जिस समय घटना हुई परिवार के लोग घर पर ही थे और घर के भीतर मौजूद लोग अचानक हुई जोर की आवाज सुनकर बुरी तरह सहम गए और जब बाहर निकलकर देखा तो छत पर पेड़ गिरा हुआ था। गनीमत यह रही कि उस समय छत पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।
इस हादसे में मकान की छत पर लगा हुआ सोलर सिस्टम और पानी की टंकी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, साथ ही पेड़ के भारी दबाव के कारण मकान के एक हिस्से में हल्की दरारें भी आ गई हैं।
करीब 1 लाख का नुक़सान इस घटना से हुआ है
भवन स्वामी नीरज पंत ने बताया कि यह सूखा पेड़ लंबे समय से घर के लिए असुरक्षित बना हुआ था और इसके बारे में पहले भी आशंका जताई गई थी।
वर्तमान में भी मकान के आस-पास कई अन्य हरे और सूखे पेड़ मौजूद हैं जो बेहद खतरनाक स्थिति में हैं और कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।मकान को हुई क्षति और भविष्य के खतरे को देखते हुए भवन स्वामी ने प्रशासन से तत्काल आवासीय भवन के लिए खतरा बन चुके इन असुरक्षित पेड़ों को जल्द हटाने की मांग की है। ताकि परिवार सुरक्षित रह सके और दोबारा इस तरह की घटना न दोहराई जाए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से आबादी क्षेत्र में झुके हुए खतरनाक पेड़ों के निस्तारण की मांग की है।
घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दे दी गयी है। सूचना के बाद फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और फिलहाल पेड़ हटाया जा चुका है पर खतरनाक साबित होते अन्य पेड़ निस्तारित होंगे
या नहीं इसे लेकर लोगों में संशय है।



