अल्मोड़ा के राजकीय बाल गृह (किशोरी) की 10 बालिकाओं के जीवन में एक नई सुबह आई है। अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए चल रही ‘नई उमंग’ पहल के तहत इन बालिकाओं का भविष्य संवारने की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने ली है। दिल्ली पहुंचने पर संस्थान में इन सभी बच्चियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली और उत्तरायण फाउंडेशन की यह संयुक्त मुहिम साल 2021 से चल रही है जो अब तक कई बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है।
इस पूरी प्रक्रिया को सफल बनाने में अल्मोड़ा की जिला प्रोवेशन अधिकारी कल्पना मनराल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बाल गृह की बालिकाओं को हार्ट सेंटर में प्रवेश दिलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से रुचि ली और सभी जरूरी कागजी और प्रशासनिक कार्रवाई को समय पर पूरा करवाया। उनकी इसी सक्रियता की वजह से इस बार अल्मोड़ा की 10 बेटियों को इस बेहतरीन कार्यक्रम का हिस्सा बनने का मौका मिला है, जहां नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने उनके रहने, खाने, स्वास्थ्य और पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी उठाई है।
उत्तरायण फाउंडेशन के महासचिव और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के आईटी विभागाध्यक्ष महिपाल पिलख्वाल ने इस मानवीय पहल के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2021 से शुरू हुई इस मुहिम के जरिए अब तक कुल 42 बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और आगे बढ़ने का मौका मिल चुका है। संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज के पिछड़े और जरूरतमंद बच्चों को अच्छे अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना है।
महिपाल पिलख्वाल ने बताया कि इस पहल से जुड़े 12 बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर अच्छी जगहों पर रोजगार हासिल कर चुके हैं और आज अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर जीवन जी रहे हैं। इसके अलावा 7 अन्य बच्चे भी अपनी शिक्षा के अंतिम पड़ाव पर हैं जो जल्द ही नौकरी पाकर आत्मनिर्भर बन जाएंगे। यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की भावना को जमीन पर सच कर रहा है। यह मॉडल बच्चों को सिर्फ साक्षर नहीं बनाता, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित माहौल देकर सम्मानजनक भविष्य की ओर ले जाता है।
इस मौके पर संस्थान के डॉक्टर यादव ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हर बच्चे का यह अधिकार है कि उसे सुरक्षित वातावरण, अच्छी शिक्षा और आत्मनिर्भर बनने के समान अवसर मिलें। संस्थान बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित है और आगे भी उन्हें हर संभव सहयोग और सही मार्गदर्शन देता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में महासचिव महिपाल पिलख्वाल ने सभी बालिकाओं का स्वागत करते हुए उनके सुखद, सुरक्षित और सफल भविष्य की कामना की है।
