उत्तरा न्यूज
अभी अभी अल्मोड़ा

Almora- बच्चों ने जाना विश्व पृथ्वी दिवस का महत्व

खबरें अब पाए whatsapp पर
Join Now

अल्मोड़ा। गोविंद बल्लभ पंत हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल अल्मोड़ा के इनविस केन्द्र ने संस्थान के कैंपस विद्यालय में विद्यार्थियों के मध्य विश्व पृथ्वी दिवस का आयोजन किया। इस दौरान विश्व पृथ्वी दिवस की इस वर्ष की थीम Invest in our Planet पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए इनविस केन्द्र की समन्वयक डा0 परोमिता घोष, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए पृथ्वी दिवस मनाये जाने की आवश्यकता पर विद्यार्थिंयों को जानकारी दी। साथ ही उन्होंने अपने व्याख्यान में हमारे स्वास्थ्य, हमारे परिवार, हमारी आजीविका की रक्षा करने के लिए एकजुट होकर इस ग्रह में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि इस ग्रह का हरा- भरा होना हमारे समृद्ध भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य भागीरथी जोशी ने विद्यार्थियों को वृक्षारोपण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने पेड़-पौधे को लगाने पर जोर दिया। कहा कि वृक्ष फल, फूल एवं पशुओं के चारा, ईधन आदि के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इनविस केन्द्र के डा0 महेश नन्द ने अपशिष्ट पदार्थों के प्रबंधन पर विद्यार्थियों के मध्य विचार रखे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के मध्य एक पेंटिग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों द्वारा पर्यावरण के प्रति अपनी कल्पनाओं एवं विचारों को पेंटिंग के माध्यम से व्यक्त किया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर इनविस केन्द्र के सूचना अधिकारी कमल किशोर टम्टा ने कार्यक्रम के माध्यम से अर्जित जानकारी को अपने जीवन में उतारने की बात कही।

इस कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक ई0 किरीट कुमार, विभागाध्यक्ष डा0 जी.सी.एस. नेगी, इनविस केन्द्र के डा0 महेश नन्द, कमल किशोर टम्टा, विजय सिंह बिष्ट, डा0 रविन्द्र के. जोशी, शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।

Related posts

corona update — उत्तराखण्ड में 37 नये केस के साथ संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 3161

Newsdesk Uttranews

Pithoragarh— हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

Newsdesk Uttranews

कोरोना इफेक्ट- अल्मोड़ा में इस बार नहीं होगा नंदादेवी मेला (nanda devi mela) सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी स्थगित,जाने मंदिर समिति ने क्या लिया है निर्णय