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गर्भवती को परिवार डोली से अस्पताल ले जा रहा था परिवार, महिला ने रास्ते में ही नदी किनारे दिया जुड़वा बच्चों को जन्म

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक गर्भवती महिला को डोली से अस्पताल ले जाया रहा था। महिला ने मजबूरी में जबुजा नदी के तट पर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया जिसमें से एक बच्चा मृत पैदा हुआ।

जानकारी के अनुसार रायसपाटा गांव की निवासी हेमा देवी ग्रामीणों और एक आशा कार्यकर्ता के साथ थीं, जब उन्होंने फुली मोड़ पर सड़क तक पहुंचने की कोशिश की। यह गांव सड़क से 6 किलोमीटर दूरी पर जंगल में स्थित है। ग्रामीणों और आशा कार्यकर्ता का प्लान था की वह महिला को प्रसव के लिए गौचर लेकर जाएंगे। यहां अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और प्रसव के लिए अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

वह महिला को लेकर जा ही रहे थे कि महिला को रास्ते में ही असहनीय प्रसव पीड़ा हो उठी। जिस पर उसे नदी तट पर प्रसव कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। जन्म के दौरान सहायता करने वाली आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी ने कहा, ‘दुखद परिस्थितियों के बावजूद, मां और जीवित बच्चे का स्थानीय निवासी जीवन सिंह के अनुसार, रायसपाटा के लोग 2009 से सड़क की वकालत कर रहे हैं।

जीवन ने कहा, ‘हेमा की कहानी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के खतरों को दिखाती है, जो कभी-कभी जीवन के लिए खतरा हो सकता है।’