पनुवानौला में श्रीमद्भागवत: स्नेह व प्रेम हरि को पाने का सहज माध्यम

पनुवानौला : मानव जाति अति दुर्लभ है।अतः मनुष्य को इस संसार में आकर इस जीवन को धन्य करने के लिए हरि का गुणगान करना चाहिए…

Shrimad bhagwat

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पनुवानौला : मानव जाति अति दुर्लभ है।अतः मनुष्य को इस संसार में आकर इस जीवन को धन्य करने के लिए हरि का गुणगान करना चाहिए । भगवत भजन में ही मनुष्य का कल्याण निहित है ।


यह बात धौलादेवी ब्लाक के तोली में यजमान गंगा दत्त पांडे के यहाँ चल रहे श्रीमद्भगवत महापुराण कथा में व्यास हीरा बल्लभ शास्त्री ने कही ।

उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन प्राप्त करने के बाद सत्संग,ध्यान और कथा से विमुख होकर काम,क्रोध,मद और लोभ की गिरफ्त में आकर व्यसनों का आदि हो जाता है,जिससे मनुष्य में आसुरी प्रवर्ति घर कर जाती है,ऐसे में मनुष्य को भागवत कथा का श्रवण कर इन व्यसनों से दूर आने का प्रयास करना चाहिए ,तभी वो अपने साथ साथ समाज का भी कल्याण कर सकता है ।उन्होंने कहा कि भगवान को पाने का सबसे सरल माध्यम स्नेह व प्रेम होता है,प्रेम से ही भक्ति, ज्ञान व वैराग्य पैदा किया जा सकता है ।

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