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राज्य सभा सांसद ने कहा प्रणब दा को नहीं जाना चाहिए था आरएसएस मुख्यालय

उत्तरा न्यूज डेस्क
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अल्मोड़ा। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आरएसएस के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्होंने वहां जो भी भाषण दिए वह उनकी दृष्टि से सही हैं। लेकिन आरएसएस इस कार्यक्रम में प्रणब दा की उपस्थिति का अपने हित में इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि वहां रजिस्टर में प्रणब दा ने जो लिखा है उसका एक साजिश के तहत बेजा इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह उनके निजी विचार हैं।

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आज अल्मोड़ा में होटल शिखर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि देश में केन्द्र सरकार का चार साल का कार्यकाल निराशाजनक साबित हुआ है। प्रधानमंत्री एक अनचाहा रिकार्ड बना चुके हैं कि चार सालों में मीडिया के सामने आने से वह बचते रहे। बेरोजगारी, कालाधन, भ्रष्टाचार और अन्य मुद्दे पहले की तरह अपनी जगह पर हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 का चुनाव एक व्यक्ति यानी नरेन्द्र मोदी के नाम पर लड़ा था।

अब इस सरकार की नाकामयाबी और नाकामयाबी की जिम्मेदारी उनकी ही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मुद्दों की अनदेखी की है। और देश की जनता को इस कार्यकाल से निराशा ही हाथ लगी है।उन्होंने कहा कि निर्भया प्रकोष्ठ जिसे एक हजार करोड़ रुपये की निधि से तैयार किया गया था उस कोष से चार सालों में किसी पीड़ित को सहायता नहीं मिली बकायदा एक साजिश के तहत मासूम से दुराचार की घटना को धर्म से जोड़ कर देखा गया। उन्होंने कहा कि शैक्षिक संस्थानों को एक साजिश के तहत दबाने का प्रयास किया।


इस मौके पर उनके साथ पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पूर्व दर्जामंत्री बिटृटू कर्नाटक, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, पूरन रौतेला, प्रमोद कुमार,हेम तिवारी, सचिन आर्या आदि मौजूद थे।