पिथौरागढ़ — आल वेदर रोड निर्माण में लापरवाही से ऐतिहासिक पैदल पुल के अस्तित्व पर खतरा

ग्राम सेरा और घाट के लोग आज भी इसी पैदल पुल से करते हैं आवाजाही

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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे पर Pithoragarh से घाट तक इन दिनों आल वेदर रोड का निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर है, लेकिन अनदेखी और लापरवाही के चलते सरयू नदी में बने ऐतिहासिक पैदल पुल का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। इस पैदल पुल से आज भी ग्राम सेरा व घाट गांव के लोग आवाजाही करते हैं।

पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे पर आल वेदर रोड में कटिंग से निकले बड़े बोल्डरों से पुल के एक हिस्से को पहुंचा नुकसान

आल वेदर रोड में सड़क कटिंग से निकले बड़े बोल्डरों व मलबे के कारण घाट के इस पुराने पैदल पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। खतरे के चलते लोग आवाजाही नहीं कर पा रहे है, क्योंकि कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है।

इधर जिला पंचायत उपाध्यक्ष कोमल मेहता का कहना है कि पुल को सुरक्षित रखकर आल वेदर रोड का कार्य किये जाने को लेकर विभाग के अधिकारी व ठेकेदार को सूचित किया गया, इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ये पुल उनकी लाइफ लाइन है। घाट के पास हाईवे बंद होता है तो लोग इसी पुल का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इस पुल का संरक्षण बहुत जरूरी है।

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दूसरी ओर ठेकेदार प्रकाश जोशी का कहना है कि पुल की तरफ पत्थर, मलबे की स्लाइडिंग के चलते गिरे हैं। कटिंग कार्य पूरा होने पर पुल के किनारे सुरक्षा दीवार और उसका सौंदर्यीकरण कर दिया जाएगा। एनएच के सहायक अभियंता पीएल चौधरी ने कहा कि पुल को नुकसान लापरवाही के चलते नहीं पहुंचा है, बल्कि पहाड़ी की कटिंग के दौरान मलबा सीमा से अतिरिक्त जमा होने और फिर स्लाइड होने के कारण पुल तक पहुंच रहा है।

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उन्होंने कहा कि इन स्थितियों में काम के दौरान कई बार हालात वश में नहीं रह जाते। वह पुल को हो रहे नुकसान को जरूर ध्यान में रखेंगे और उसे संरक्षित करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

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