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चिलचिलाती गर्मी से नैनीताल के लोगों का हुआ बुरा हाल, बढ़ा डायरिया का प्रकोप, ऐसे करें बचाव

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नैनीताल के बीडी पांडे जिला चिकित्सालय के सीएमएस तरुण कुमार टम्टा ने बताया कि बढ़ते डायरिया का कारण गर्मी का लगातार बढ़ना है। साथ ही खान-पान भी इसके मुख्य कारण है। जून में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है ऐसे में पहाड़ों पर भी आजकल भीषण गर्मी हो रही है। मैदानी इलाकों में जहां तापमान 45 डिग्री है तो वहीं पहाड़ी इलाकों में भी   पारा 30 डिग्री पहुंच गया है।

ऐसे में कई बीमारियां भी हो रही हैं जिसमें प्रमुख बीमारी डायरिया है। उत्तराखंड के नैनीताल में इन दिनों डायरिया के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रोजाना 40 से 50 मरीज डायरिया के यहां पहुंच रहे हैं।

उन्होंने बताया की जिस तरह मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। ऐसे में अभी डायरिया के और मरीज की संख्या और अधिक हो सकती है।

गर्मी से बढ़ी मरीजों की संख्या

डॉक्टर का कहना है कि नैनीताल स्थित बीडी पांडे जिला चिकित्सालय में लगातार गर्मी के कारण ओपीडी में डायरिया और बुखार के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नैनीताल में इन दिनों काफी संख्या में पर्यटक भी आते हैं जो अलग-अलग जगह से आते हैं जिनके जरिए भी वायरल यहां पहुंचता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अस्पताल में डायरिया के 18 से 20 मरीज भर्ती भी है।

ऐसे करें बचाव

डॉ. टम्टा बताते हैं कि डायरिया से बचाव के लिए साफ पानी पिएं, साथ ही बासी खाने से बचना चाहिए। साथ ही बाहर के खाने का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि खान पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डायरिया से बचाव के लिए आइसोलेटेड वार्ड बनाए गए हैं। साथ ही जितनी एंटी बायोटिक दवाएं, और ओआरएस चाहिए वो सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।