नैनीताल जिले के कालाढूंगी कोटाबाग क्षेत्र से राहत भरी खबर सामने आई है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने 48 घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद एक 10 वर्षीय लापता बालक को घने जंगल से सकुशल बरामद कर लिया है। मासूम के सुरक्षित घर लौटने पर परिजनों की जान में जान आई है और स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की जमकर सराहना की है।
अचानक लापता हो गया था 10 वर्षीय मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 अप्रैल 2026 को कोटाबाग कालाढूंगी के ग्राम खुडलिया निवासी दीपक लाल शाह ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका 10 वर्षीय पुत्र योगेश लाल शाह अचानक घर से लापता हो गया है। प्रारंभिक जानकारी में पता चला कि मानसिक रूप से अस्वस्थ यह बालक जंगल की ओर निकल गया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।
घने जंगल में चला अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी ने बच्चे की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस को कड़े निर्देश दिए। एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल और सीओ रामनगर सुमित पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी और वरिष्ठ उप निरीक्षक पंकज जोशी ने अलग अलग टीमों का गठन किया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगल के बीच पुलिस वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर लगातार 48 घंटे तक सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया।
जंगल में दो से तीन किलोमीटर अंदर मिला बच्चा
टीम की अथक मेहनत और शानदार समन्वय के परिणामस्वरूप गुमशुदा बालक को कोटाबाग के शिसमानी जंगल में लगभग दो से तीन किलोमीटर अंदर से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम तुरंत बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटाबाग पहुंची जहां उसकी मेडिकल जांच और उपचार कराया गया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर बालक को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस ने की अभिभावकों से अपील
इस रेस्क्यू अभियान में प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी चौकी प्रभारी कोटाबाग देवेंद्र सिंह राणा अपर उप निरीक्षक लेखराज सिंह तनवीर आलम और अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। नैनीताल पुलिस ने इस सफल अभियान के बाद सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।



