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LIC: इंश्योरेंस कंपनी ने रकम लेकर बीमा करने से किया इनकार, 10 साल बाद पीड़िता को ऐसे मिला इंसाफ

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बिहार के औरंगाबाद में एक महिला ने बीमा करने के लिए बीमा कंपनी एलआईसी को राशि दी थी लेकिन कंपनी ने बीमा नहीं किया। बीमा ना होने पर महिला ने कंपनी से राशि वापस मांगी। राशि वापस न होने पर कंपनी को हॉल की नोटिस दी गई फिर भी राशि नहीं मिली। थकहार कर पीड़िता ने उपभोक्ता अदालत में गुहार लगाई।अदालत में 10 साल तक यह मामला चलता रहा। उसके बाद आखिरकार अब पीड़िता को बीमा कंपनी की तरफ से  सूद सहित अपनी रकम मिली।

यह है मामला

पटना शहर के निवासी निर्मला देवी ने बीमा पॉलिसी लेने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम की औरंगाबाद शाखा को 35000 रुपए की राशि दी थी। बीमा कंपनी ने महिला को राशि जमा करने की रसीद भी दी थी, जिसका बीओसी नंबर-49537 है। राशि जमा करने के बाद भी बीमा कंपनी ने महिला का बीमा नहीं किया और न ही पॉलिसी सर्टिफिकेट दिया। इसके बाद से पीड़िता द्वारा बीमा कंपनी से लगातार अपनी राशि वापस मांगी जा रही थी लेकिन राशि वापस नहीं हुई कई साल बीत गए। इसके बाद पीड़िता नाम अपने अधिवक्ता के जरिए बीमा कंपनी को कोर्ट का नोटिस भेजा लेकिन बीमा कंपनी ने उसे नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया।

उपभोक्ता फोरम में दायर हुआ मामला

आखिरकार थक-हार कर पीड़िता ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। पीड़िता ने उपभोक्ता फोरम, औरंगाबाद में वाद संख्या-62/14 दायर किया। वाद दायर होने के बाद से मामला लंबे समय तक चला और आखिरकार बुधवार को महिला को न्याय मिला और उसे सूद समेत राशि वापस हुई।

35 हजार के बदले मिली 59 हजार 600 की राशि

अधिवक्ता का कहना है कि औरंगाबाद में बीमा कंपनी को पीड़िता को सूद समेत राशि वापस करने का आदेश दिया है। आदेश के संदर्भ में बीमा कंपनी ने आयोग में आदेशित जमा किया इसके बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य बद्रीनारायण सिंह ने पीड़ित महिला निर्मला देवी को एलआईसी से मिली 59,600 रुपये राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर पीड़िता के अधिवक्ता कामाख्या नारायण सिंह भी मौजूद रहे।