लक्ष्मी आश्रम कौसानी की वरिष्ठ कार्यकर्ता और मार्गदर्शक राधा बहिन की छोटी बहिन कांति भट्ट का निधन हो गया है।
वह 90 वर्ष की थी, गांधी जी के विचारों को पूरी तरह आत्मसात कर जीवन में उतारने वाली कांती बहिन को पूरे आश्रम में ‘ओदी’ नाम से जानी जाती थी।
बुधवार सांय उन्होंने आश्रम में ही अंतिम सांस ली वह कुछ समय से वयोवृद्धता संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी पर आश्रम की सभी जिम्मेदारियों को निभा रही थी।
आश्रम की ओर से अभी उनके अंतिम संस्कार की आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है। उनके निधन की सूचना गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता रमेश मुमुक्षु ने दी।
आश्रम से जुड़े रहे सामाजिक कार्यकर्ता बसंत पांडे ने कहा कि ओदी एक ऐसी सख्सियत थी जो गांधीजी, भूदान आंदोलन के विनोबा भावे, और जय प्रकाश नारायण जैसे विभूतियों के साथ रही और जीवन भर मानवीय आचरणों का पालन कर मानव सेवा के लिए जीवन जिया, उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों को जीने वाली ओदी के निधन से अपूर्णनीय रिक्तता आ गई है।
