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गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, तेखला में रोके गए वाहन

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गंगोत्री धाम में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सोमवार को स्थिति बेकाबू हो गई। जिला प्रशासन और पुलिस ने दोपहर बाद गंगोत्री धाम जाने वाले यात्रियों को रास्ते में ही रोक दिया। उत्तरकाशी से करीब दो किमी आगे तेखला में गंगोत्री जाने वाले वाहनों को रोका गया और उन्हें इंद्रावती पुल और जोशियाड़ा के समीप पार्क कराया गया।

गौरतलब हो, गंगोत्री में प्रशासन द्वारा एक दिन में 11 हजार श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति दी गई है। जो यात्री गंगनानी और हर्षिल के बीच फंसे हुए हैं, उन्हें गंगोत्री दर्शन के लिए भेजा जाएगा, लेकिन तेखला से आगे आज किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस का कहना है कि गंगोत्री यात्रा रूट पर वाहनों की क्षमता अधिक होने के कारण यह कदम उठाया गया है। गंगोत्री और यात्रा रूट पर ट्रैफिक कम होने के बाद ही जिला मुख्यालय से वाहनों को धाम की ओर रवाना किया जाएगा।

सोमवार को गंगोत्री धाम के लिए क्षमता से अधिक वाहनों के जाने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। गंगोत्री हाईवे पर हीना में बनाए गए सत्यापन केंद्र में सुबह से ही सैकड़ों यात्री फंसे रहे। दोपहर बाद तक भी आगे की यात्रा के लिए जब वाहन नहीं छोड़े गए तो यात्रियों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।

बता दें, गुस्साए यात्रियों ने यातायात व्यवस्था के लिए शुरू किए गए गेट सिस्टम पर सवाल उठाए और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से भी भिड़ गए। यात्रियों ने आरोप लगाया कि बाहरी यात्रियों को तो रोका जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोग जो यात्रियों को बुकिंग पर लेकर जा रहे हैं, उन्हें छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यात्रा के लिए पंजीकरण करवाया है, तो उन्हें भी सुविधा मिलनी चाहिए।

हंगामा कर रहे यात्रियों का कहना था कि उन्हें बताया गया था कि नौ घंटे बाद उन्हें जाने दिया जाएगा, लेकिन अब तक भी उन्हें नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि उनके खाने-पीने और शौचालय तक की भी व्यवस्था नहीं की गई है। हालात बेकाबू होते देख गंगोत्री धाम के सुपर जोनल मजिस्ट्रेट व मुख्य विकास अधिकारी जय किशन ने एसडीएम भटवाड़ी को मौके पर भेजा।