Whats-App-Image-2026-04-02-at-4-36-29-PM shree-krishna-vidyapeethm,k

ऑनलाइन गेमिंग के नए नियमों को हरी झंडी, निगरानी के लिए बनी नई अथॉरिटी ओजीएआई

नई दिल्ली उत्तरा न्यूज डेस्क भारत में ऑनलाइन गेमिंग का शौक रखने वाले युवाओं और गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने…

online gaming

नई दिल्ली उत्तरा न्यूज डेस्क भारत में ऑनलाइन गेमिंग का शौक रखने वाले युवाओं और गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी खबर है। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के नए नियमों को हरी झंडी दे दी है। इन नियमों का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आगामी 1 मई से एक नई ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी काम करना शुरू कर देगी।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

यह अथॉरिटी इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत एक डिजिटल ऑफिस के रूप में काम करेगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य गेमिंग सेक्टर में नियमों के बोझ को कम रखना है ताकि छोटे डेवलपर्स और साधारण गेम्स को परेशानी न हो।


मनोरंजन वाले गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह वैकल्पिक
नए नियमों के मुताबिक सरकार ने रेगुलेशन को काफी हल्का रखा है। अगर कोई गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए है और उसमें पैसों का लेनदेन शामिल नहीं है तो उसे रजिस्ट्रेशन कराने की कोई कानूनी मजबूरी नहीं होगी। ऐसे गेम्स के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह वैकल्पिक रखा गया है।

हालांकि उन गेम्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा जहां खिलाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा है या जहां वित्तीय लेनदेन होते हैं। अथॉरिटी खुद संज्ञान लेकर ई स्पोर्ट्स की अर्जी पर या केंद्र सरकार के निर्देश पर किसी खास गेम की जांच कर सकती है।


अथॉरिटी में हुआ बड़ा बदलाव ,छह सदस्य होंगे शामिल
पहले के मुकाबले अब इस अथॉरिटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है। इसमें सबसे खास बात यह है कि गृह मंत्रालय को भी इसमें शामिल किया गया है क्योंकि गलत पाए जाने वाले गेम्स को ब्लॉक करने और कानून लागू करने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। ओजीएआई के चेयरपर्सन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी होंगे।

इसके अलावा गृह वित्तीय सेवाएं सूचना एवं प्रसारण युवा कार्यक्रम और विधि मामलों के विभाग के जॉइंट सेक्रेटरी इसके सदस्य होंगे। ओजीएआई का मुख्य काम ऑनलाइन गेम्स की पहचान करना उनका रजिस्ट्रेशन करना और डेटा सुरक्षा के नियम तय करना होगा।


यूजर की सुरक्षा सर्वोपरि,डेवलपर्स को भी मिली बड़ी राहत
इन नए नियमों में यूजर सेफ्टी पर खास जोर दिया गया है। हर गेम में यूजर सेफ्टी फीचर होना अनिवार्य है और अगर किसी यूजर को कोई शिकायत है तो उसके लिए दो स्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली बनाई गई है।

वहीं डेवलपर्स को बड़ी राहत देते हुए गेम की वैधता का सर्टिफिकेट अब 5 साल के बजाय 10 साल तक मान्य कर दिया गया है। किसी भी गेम के स्टेटस को निर्धारित करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। इसके अलावा विवादों से बचने के लिए गेम में मामूली बदलाव पर दोबारा मंजूरी लेने जैसे जटिल प्रावधानों को भी पूरी तरह हटा दिया गया है।

Leave a Reply