आरोही संस्था के अधिशासी निदेशक डॉ. पंकज तिवारी विद्यालयों(चमुआ खलासा, जीजीआईसी बाड़ेछीना, सरस्वती शिशु मंदिर बाड़ेछीना) में विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य,जीवन रक्षक प्रशिक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम समन्वयक चंद्रकला बिष्ट, बृजेश कुमार (प्रधानाचार्य, आरोही बाल संसार) तथा उनकी टीम ने स्कूली बच्चों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डमी के स्थान पर तकिए का उपयोग कर विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थिति में सही प्राथमिक सहायता देने की तकनीक सिखाई गई।
हरेला महोत्सव के अंतर्गत चमुआ खालसा वन क्षेत्र, सरस्वती शिशु मंदिर, बाड़ेछीना तथा सुपई गांव में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर चमुआ खालसा के वन दरोगा भीम सिंह बोरा, संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधि, स्थानीय महिलाएं एवं स्टाफ के साथ वन विभाग के अधिकारियों ने भी सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इसी क्रम में ‘संकल्प संपूर्ण स्वास्थ्य’ विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। बृजेश कुमार ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नशे से बचाव, दैनिक पोषण एवं कैलोरी की आवश्यकता, प्रतिदिन पाँच अलग रंग के फल एवं सब्जियों के सेवन, पैक्ड फूड के सर्विंग साइज तथा E-Code की जानकारी लेकर खाद्य पदार्थों का सुरक्षित चयन करने के बारे में जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने सभी कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन पहलों से उनमें जीवन रक्षक कौशल, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा मिला।

