News-web

क्या आप जानते हैं दुनिया का सबसे महंगा स्कूल कौन सा है और कितनी है इसकी फीस? जिंदगी भर की जमा पूंजी भी पड़ जाएगी कम

Published on:

स्कूलों में सेशन खत्म होने के बाद बच्चों के रिजल्ट भी अब आ चुके हैं। अब माता-पिता अपने बच्चों के एडमिशन की चिंता कर रहे हैं। आजकल एजुकेशन काफी महंगी हो गई है। प्राइवेट स्कूलों की फीस तो सुनकर लोग हैरान हो जाते हैं। इसके बावजूद माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना देखते हैं। माता-पिता को हजारों रुपए महीने की फीस चुकानी पड़ती है। अगर आप भी प्राइवेट स्कूलों को लेकर परेशान है तो आज हम आपको दुनिया के सबसे महंगे स्कूल के बारे में बताएंगे जिसकी फीस सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे।

दुनिया का सबसे महंगा स्कूल:

इन स्कूलों के फीस इतनी ज्यादा है कि आपकी जिंदगी भर की जमा पूंजी 1 साल की फीस के लिए भी कम पड़ जाएगी। हम बात कर रहे हैं स्विट्जरलैंड की खूबसूरत वादियो में मौजूद कुछ स्कूलों के बारे में। यहां के स्कूलों को यूरोप के सबसे महंगे स्कूलों में गिना जाता है जिनकी साल भर की फीस 50 से 60 लाख रुपए होती है। इनमें से सबसे महंगा स्कूल इंस्टिट्यूट ले रोसेय है, जो यहां का सबसे मशहूर और पुराना स्कूल है। इस स्कूल की खास बात यह हैं कि यहां से स्पेन, इजिप्ट, बेल्जियम, ईरान और ग्रीस के राजाओं ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी।

एक साल की फीस 1 करोड़ रुपए:

आपको बता दे कि इस स्कूल को पॉल कर्नल ने साल 1880 में बनवाया था। इस स्कूल में यूरोप और दुनियाभर के अमीर परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। यहां हर बच्चे की सालाना फीस लगभग $130,000 यानी करीब 98 लाख रुपये से भी ज्यादा है। दो कैंपस वाला यह दुनिया का इकलौता बोर्डिंग स्कूल है जो किसी प्राइवेट रिजॉट से कम नहीं हैं।

प्राइवेट रिजॉट से कम नहीं है स्कूल:

इस स्कूल में टेनिस कोर्ट शूटिंग रेंज एक्वेस्ट्रेन सेंटर और £40 million यानी करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बना हुआ कॉन्सर्ट हॉल जैसी कई सविधाएं बच्चों को उपलब्ध कराई जाती है वहीं स्कूल के विंटर कैंप में स्कीइंग की अलग से सुविधा दी गई है।

एक कक्षा में पढ़ते हैं सिर्फ 10 छात्र:

सभी तरह के सुविधा वाले इस स्कूल में टीचर्स की भी कोई कमी नहीं है इस स्कूल में 420 छात्रों को पढ़ने के लिए 150 टीचर रखे गए हैं। यानी एक क्लास में 10 छात्रों से भी कम संख्या रहती है ताकि टीचर सभी पर बराबर ध्यान दें। इसके साथ ही स्कूल में 30 सीटे यहां के टीचर्स के बच्चों के लिए रिजर्व रखी जाती हैं जिनमें से तीन को हर साल स्कॉलरशिप भी मिलती है।