अगर आप भी घर में शादी-ब्याह या बच्चे के जन्म पर किन्नरों द्वारा मांगी जाने वाली भारी-भरकम ‘बधाई’ राशि से परेशान है, तो यह खबर आपके लिए ही है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नगर निगम ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसने शहर भर में खलबली मचा दी है। अब शहर में ‘नेग’ या ‘बधाई’ वसूलने के नाम पर होने वाली मनमानी पर पूरी तरह लगाम लगा दी गई है।
अब ₹5100 की ‘लक्ष्मण रेखा’, नियम तोड़ा तो खैर नहीं
विगत दिवस यानि 29 अप्रैल को नगर निगम देहरादून की चतुर्थ बोर्ड बैठक में बुधवार को पार्षदों ने जनता की शिकायतों का हवाला देते हुए किन्नरों द्वारा मांगी जाने वाली मोटी रकम का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। लंबी चर्चा और बहस के बाद मेयर सौरभ थपलियाल ने बड़ा फैसला लेते हुए किन्नरों के लिए अधिकतम ‘नेग’ की राशि 5,100 रुपये निर्धारित कर दी है।
निगम के इस फैसले के अनुसार, अब कोई भी किन्नर किसी परिवार से इससे ज्यादा की मांग नहीं कर सकेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई इस नियम का उल्लंघन करता है या जनता को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण मित्रों की भी ‘चांदी’, मानदेय में हुआ बड़ा इजाफा
सिर्फ जनता ही नहीं, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले पर्यावरण मित्रों के लिए भी यह बैठक बड़ी खुशखबरी लेकर आई। निगम ने सफाई कर्मचारियों का दैनिक मानदेय ₹500 से बढ़ाकर सीधा ₹800 प्रतिदिन कर दिया है। इसके साथ ही हर वार्ड में समान रूप से कर्मचारियों की तैनाती की घोषणा भी की गई है, जिससे सफाई व्यवस्था और भी बेहतर होगी।
सदन में जमकर हुआ ‘दंगल’, भाजपा-कांग्रेस पार्षद भिड़े
यह ऐतिहासिक फैसला इतनी आसानी से नहीं आया। बोर्ड बैठक के दौरान विकास कार्यों और अन्य प्रस्तावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच जबरदस्त हंगामा हुआ। सदन में कई बार ऐसी स्थिति आई कि पार्षद आमने-सामने आ गए और तीखी नोकझोंक हुई। हंगामे के कारण पहले दिन 65 प्रस्तावों पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी।



