जनपद के जैती क्षेत्र से बाल विवाह को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां 17 साल की एक नाबालिग बच्ची की शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं, शहनाइयां बजने ही वाली थीं कि ऐन वक्त पर प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस विवाह को रुकवा दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी और उनकी टीम की तत्परता से 5 मई को होने वाला यह बाल विवाह अब टल गया है।
शादी से 5 दिन पहले ही टीम ने डाली दबिश
मिली जानकारी के अनुसार, अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से दूर जैंती के एक गांव में नाबालिग बालिका के विवाह की सूचना प्रशासन को मिली थी। यह विवाह आगामी 5 मई 2026 को संपन्न होना था। सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन अधिकारी कल्पना मनराल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम ने गांव में दबिश दी। जांच में पाया गया कि बालिका की उम्र अभी केवल 17 वर्ष है।
मंडप सजने से महज 5 दिन पहले पहुंची टीम ने बालिका और उसके अभिभावकों के साथ लंबी काउंसलिंग की। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और बालिका के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में विस्तार से समझाया। टीम की समझाने के बाद अभिभावकों ने अपनी गलती मानी। प्रशासन ने मौके पर ही परिजनों से एक शपथ पत्र (Affidavit) लिया है, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक उनकी बेटी 18 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं कर लेती, तब तक उसका विवाह नहीं किया जाएगा।
इस टीम ने बचाई बेटी की जिंदगी
इस बचाव अभियान में जिला प्रोबेशन अधिकारी कल्पना मनराल के साथ बाल कल्याण समिति से अर्चना कोठरी, जिला बाल संरक्षण इकाई से कमला कोश्यारी ,सुनीता जोशी, चाइल्ड हेल्प लाइन से मोहित जोशी, प्रीति बिष्ट और पुलिस विभाग के जवान मुस्तैद रहे।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा की जानकारी मिले, तो तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें ताकि किसी मासूम का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।



