अल्मोड़ा। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बाद क्वारब बाईपास मोटर मार्ग पर हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने क्वारब बाईपास मोटर मार्ग पर हाल ही में हुई अतिवृष्टि एवं भूस्खलन के बाद उत्पन्न संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिगत संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विगत दिवस यानि सोमवार 13 जुलाई को जिलाधिकारी अंशुल सिंह अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौका पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सामने आया कि इस बेहद संवेदनशील मार्ग पर भारी और ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही हो रही है, जिससे पहाड़ी ढालों की स्थिरता प्रभावित हो रही है और दोबारा भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
निरीक्षण के दौरान यह दिखा कि संवेदनशील क्वारब बाईपास मार्ग पर भारी एवं ओवरलोड वाहनों की निरंतर आवाजाही हो रही है और भारी वाहनों के कारण ढालों की स्थिरता प्रभावित होने तथा भूस्खलन की संभावना बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संभागीय परिवहन अधिकारी को पुलिस व परिवहन विभाग की एक संयुक्त टीम तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम क्षेत्र में भारी व ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाएगी और मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के साथ ही क्षेत्र में निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं।
बिजली के पोल को शिफ्ट करने के आदेश
निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित हिस्से में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का एक विद्युत पोल भी गंभीर रूप से खतरे की जद में पाया गया। जिलाधिकारी ने यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता को तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर इस पोल का तकनीकी परीक्षण करने और प्राथमिकता के आधार पर इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने को कहा।
निरीक्षण में उनके साथ उपजिलाधिकारी संजय कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हर्षित गुप्ता और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

