उत्तरा न्यूज
अभी अभी अल्मोड़ा उत्तराखंड

अल्मोड़ा: 5 साल की उम्र में हो गया था पिता का निधन, मेहनत‌ से सेना में लेफ्टिनेंट बने सालम के सुंदर

खबरें अब पाए whatsapp पर
Join Now

Almora: Father died at the age of 5, Salam’s Sundar became a lieutenant in the army with hard work.

अल्मोड़ा, 11 सालम पट्टी के दाड़िमी जैंती निवासी सुंदर बोरा सेना में लेफ्टीनेंट बन गए हैं।
उनके इस मुकाम में पहुंचने पर सालम में खुशी की लहर है।

Almora: Father died at the age of 5, Salam's Sundar became a lieutenant
Almora: Father died at the age of 5, Salam’s Sundar became a lieutenant


दाड़िमी (जैती) के सुन्दर सिंह बोरा ने 2015 में इंजीनियरिंग कोर में सिपाही के पदपर भर्ती होकर लेफ्टिनेंट के पद तक संघर्ष का सफर तय किया।
प्राथमिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर वह दसवीं तथा बारहवीं की शिक्षा हाई स्कूल इंटरमीडिएट सर्वोदय इंटर कॉलेज जयंती से उत्तीर्ण की।
2015 में बंगाल इंजीनियर कोर में सिपाही के पद पर भर्ती होकर 2018 में आर्मी कैडेट कॉलेज में 3 साल वह 1 साल आईएमए की पढ़ाई करके अब पैराशूट रेजीमेंट में लेफ्टिनेंट के पद पर बेंगलुरु में तैनाती मिली।

Almora: Father died at the age of 5, Salam's Sundar became a lieutenant
Almora: Father died at the age of 5, Salam’s Sundar became a lieutenant


उनके शिक्षक तारा सिंह बिष्ट ने बताया कि 5 साल की उम्र में ही सुंदर के पिता राजेन्द्र सिंह बोरा का निधन हो गया था। चार भाई-बहनों में सबसे छोटे सुंदर बोरा आर्मी कैडेट कॉलेज के 69 अफसर कैडेटस में सबसे बेस्ट मोटिवेटेड अफसर कैडेट रहे।
तथा क्रॉस कंट्री में गोल्ड मेडलिस्ट रहे उनके इस पद पर उन्होंने अपना पूरा श्रेय अपनी माता कलावती देवी व अपने गुरुजनों को दिया है।


उनकी सफलता पर माता कलावती देवी,बडी बहनें मंजू बोरा व डोलू धौनी बड़े भाई दीपक बोरा व भाभी सीमा बिष्ट तथा जीजाजी कमल सिंह बोरा व देवेन्द्र धौनी (पूर्व कोषाध्यक्ष एम बी पी जी कालेज हल्द्वानी) तथा ग्राम प्रधान गोकुल सिंह बोरा,लाल सिंह बोरा,प्रकाश सिंह बोरा तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय बोरा सहित पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम बोरा,सोनू बोरा आदि ने खुशी जताई है।


सर्वोदय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रकाश लाल वर्मा, हरीश प्रसाद, एनसीसी अधिकारी शिवराज सिंह बिष्ट, जमन सिंह सिजवाली,चंदन सिंह बिष्ट, कुन्दन धानक,दीपक जोशी,पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्याम नारायण पाण्डे, पूर्व प्रधान पूरन भण्डारी, कुँवर नेगी, नन्दन नेगी, मनोज बोरा व दीवान सिंह बोरा ने प्रसन्नता व्यक्त की। राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष तारा सिंह बिष्ट ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि सुन्दर बोरा आज के विद्यार्थियों के लिए एक उदाहरण हैं।

जो प्रतिदिन पैदल 6 किमी चलकर विद्यालय आते और पूरा पुस्तकों से भरा बैग भी स्वयं लाते थे। तब कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते सुंदर पैदल ही आना जाना करते थे। विद्यालय‌ में अनुशासन से रहना उनकी आदत में शुमार था।

Related posts

Uttarakhand- अब इस भर्ती परीक्षा की होगी जांच

editor1

Dehradun- विज्ञान का इतिहास पर आयोजित हुआ सेमिनार

Newsdesk Uttranews

Corona update- जानें उत्तराखंड में कोरोना की स्थिति

Newsdesk Uttranews