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Pithoragarh- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बना सिरदर्द, युवाओं ने किया प्रदर्शन

पिथौरागढ़ सहयोगी, 11 फरवरी 2021 Pithoragarh- ऐंचोली क्षेत्र के निराड़ा में निर्मित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से होने वाले अत्यधिक और लगातार बने रहने वाले शोर…

पिथौरागढ़ सहयोगी, 11 फरवरी 2021

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Pithoragarh- ऐंचोली क्षेत्र के निराड़ा में निर्मित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से होने वाले अत्यधिक और लगातार बने रहने वाले शोर के चलते क्षेत्रवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लंबे समय से जिला प्रशासन के संज्ञान में लाए जाने के बावजूद समस्या के समाधान को कोई कार्यवाही न होने से नाराज क्षेत्र के युवाओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई।

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जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए युवाओं ने कहा कि बार बार इस मुद्दे की ओर ध्यान दिलाने के बावजूद प्रशासन समस्या के निराकरण की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रहा है। जिससे क्षेत्रवासियों में रोष है। चेतावनी दी कि अगर आगामी सप्ताहों में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो क्षेत्र की महिला व युवा शक्ति समेत लोग व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महेंद्र रावत ने कहा कि संयंत्र से निकलने वाला तेज शोर हरदम बना रहता है जिसके चलते क्षेत्र के निवासियों को रोजमर्रा के कार्य करने में काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में भी इस ध्वनि प्रदूषण बाधा बन रहा है। यही नहीं प्लांट के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उपजिलाधिकारी ने बीते नवंबर में दौरा कर इस बात को स्वीकारा भी था और शीघ्र कार्यवाही करने की बात कही गयी थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में क्षेत्रवासियों में जिला प्रशासन के इस रवैय्ये को लेकर बहुत रोष व्याप्त है।

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लक्ष्मण नयाल ने कहा कि इसके चलते पैदा हो रही परेशानी दिन प्रतिदिन अत्यधिक गंभीर होते जा रही है. लोगों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। विशेषकर, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद हनिकारिक साबित हो रहा है. छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में यह ध्वनि प्रदूषण बाधा बन रहा है।

बुजुर्गों व बच्चों का प्राकृतिक नींद चक्र (स्लीप साइकल) बुरी तरह से प्रभावित होने के चलते उनके स्वास्थ्य को हो रही हानि के दूरगामी परिणाम नजर आने लगे हैं। अगर प्रशासन का रवैय्या ऐसा ही रहता है तो हमें इस माँग को लेकर मजबूरन आंदोलन का रास्ता लेना पड़ेगा। रंजन भट्ट ने कहा कि ऐसे समय में जब वर्क फ्राम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है तब हमारे क्षेत्र में इस शोर के चलते घरों में रहना ही मुश्किल होता जा रहा है।

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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे रोहित ने कहा कि वैश्विक महामारी के चलते बरती जा रही सतर्कता के परिणामस्वरूप जब क्षेत्रवासी अपना अधिकांश समय घरों में ही बिता रहे हैं तब इस शोर से हो रही परेशानी और उससे उपजने वाली समस्याएँ विकराल रूप धारण करती जा रही हैं।

छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन कक्षा में भाग लेना और सुनने संबंधी समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों का जीना दूभर हो चुका है। प्रदर्शन में रजत बेलाल, पंकज सिंह, गणेश धौनी, राजन घटाल, दीपक, आशीष, बौबी चंद, लक्ष्मण नयाल, रोहित खड़ायत, सुनील समेत अनेक युवा शामिल थे।

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