अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बुधवार 27 मई 2026 को अल्मोड़ा आगमन के दौरान नगर में भारी सियासी घमासान देखने को मिला। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJU) में व्याप्त कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रोफेसर भर्ती रोस्टर प्रणाली में धांधली का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन कर रहे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और भारी पुलिस बल के बीच चौघानपाटा में तीखी नोंक-झोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई दिग्गज युवा नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के नवनिर्मित प्रशासनिक भवन का लोकार्पण करने अल्मोड़ा पहुंचे थे, ठीक उसी समय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता गांधी पार्क चौघानपाटा में एकत्र हो गए। यहाँ से कार्यकर्ताओं ने सूबे की भाजपा सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ रैली निकालकर कार्यक्रम स्थल (SSJU परिसर) की ओर कूच करने का प्रयास किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
“SSJU बचाओ” और “मुख्यमंत्री गो बैक” के नारों से गूंजा चौघानपाटा
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित युवाओं और छात्रों ने “SSJU बचाओ”, “कुलपति इस्तीफा दो आज दो अभी दो”, “मुख्यमंत्री गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “युवा विरोधी-छात्र विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी” जैसे गगनभेदी नारे लगाए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बावजूद जब प्रदर्शनकारी नहीं माने और बैरिकेडिंग लांघने का प्रयास किया, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए जिला अध्यक्ष विक्रम फर्त्याल, प्रदेश महासचिव किरन आर्या और गोपाल भट्ट समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं को जबरन गाड़ियों में भरकर हिरासत में ले लिया।
भर्ती घोटाले, पेपर लीक और ‘लूटो-कमाओ’ संस्कृति पर बरसे युवा नेता
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गोपाल भट्ट ने केंद्र व राज्य सरकार को घेरते हुए कहा, “जब से भाजपा सत्ता में आई है, भर्ती घोटाले और पेपर लीक के मामलों ने छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया है। शिक्षा माफियाओं को खुला संरक्षण मिला हुआ है। देश में NEET पेपर लीक के बाद कई राज्यों में छात्रों ने हताश होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, लेकिन यह सरकार पूरी तरह पूंजीपति, छात्र और किसान विरोधी बनी हुई है।”
वहीं, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विक्रम फर्त्याल और नगर अध्यक्ष गौरव जोशी ने आरोप लगाया कि सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में पिछले कई वर्षों से छात्र हितों की लगातार अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय में इस समय ‘लूटो-कमाओ और संरक्षण पाओ’ की संस्कृति हावी है। प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती जा रही है, निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी हो रही है और कॉलेज में छात्र संख्या लगातार गिर रही है। अगर कुलपति और कुलसचिव पाक-साफ हैं, तो आखिर पुलिस को आगे कर छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन क्यों किया जा रहा है? हमारे प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलने क्यों नहीं दिया गया?”
राज्यपाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
पूर्व छात्रसंघ उप सचिव गौरव सिंह सतवाल और प्रदेश महासचिव किरन आर्या ने उत्तराखंड सरकार एवं महामहिम राज्यपाल से विश्वविद्यालय की समस्त प्रशासनिक, वित्तीय एवं शैक्षणिक कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को पुलिस के दम पर इसी प्रकार दबाया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा।
प्रदर्शन में ये प्रमुख चेहरे रहे मौजूद
इस उग्र विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी देने वालों में मुख्य रूप से युवा नेता गोपाल भट्ट, प्रदेश महासचिव किरन आर्या, जिला अध्यक्ष विक्रम फर्त्याल, पूर्व छात्रसंघ उप सचिव गौरव सतवाल, नगर अध्यक्ष गौरव जोशी, कमलेश बिष्ट, संतोष कुमार, छात्रसंघ कोषाध्यक्ष विनय कनवाल, अभय बोरा, विशाल कनवाल, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कुमार, जिला महासचिव आशीष संतोलिया, वीरेंद्र आर्य, दीक्षा सुयाल, दिव्यांश रावत, विशाल पडियार, रोहित पंत, फेमिना खान, वैभव पांडे सहित भारी संख्या में यूथ कांग्रेस से जुड़े छात्र व युवा नेता शामिल रहे।
