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पानी(Water) की दिक्कत— यहां बैलों के गले में घुंघरू नहीं, बंधे होते हैं पानी के बर्तन, वायरल वीडियो खोल रहा है जल महकमे की पोल

Newsdesk Uttranews
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Water problem in the mountain – Here the bulls are not tied around the neck of the bulls, water vessels are opening, viral video is opening the pole of the water body

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उत्तरा न्यूज— 07 दिसंबर 2020— पहाड़ में पानी की दिक्कत (Water Problem)पुरातन हैं यहां ऊंची चोटियां दिखने में जितनी खूबसूरत लगती हैं। जिंदगी की समस्याएं भी उतनी ही ऊंची हैं।

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Water  problem

बैलों के गले में घुंघरू वाली कहावत अब केवल फिल्मी गानों में ही रह गई हैं असल में पानी की कमी से जूझ रहे पहाड़ की जीवटता ने इनसे भी पानी ढोने जैसा काम लेना शुरू कर दिया है।

Water  problem

दिन भर जंगलों में गाय— बैल चारा चर कर शाम को वापस आते हैं इनके गले में पानी के भरे बर्तन टंगे होते है। जितना बड़ा जानवर उतने ही बड़ बर्तन। यहीं नहीं गाय बैलों को चरा कर लाने वाला ग्वाला भी इस दौरान पानी के भरे बर्तनों के साथ होते है।(Water problem)

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहां एक युवती इस वीडियो में अपने गांव की पानी की दिक्कत (Water problem)के बारे में बताते हुए कह रही है कि घर के अन्य कार्यों के लिए उन्हें किस तरह पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है। इस कार्य में कालू जैसे बैल तक अपना योगदान दे रहे हैं। 

देखें वीडियो Water problem

वीडियो में बैल गले में दो डिब्बे लटका कर ले जा रहा है। जबकि उसके पीछे आ रहे जानवर(गाय— या बैल) ने भी दो दो लीटर की पानी की बोतलें टांग रखी है। वीडियो में युवती कह रही है कि उसके गांव में पानी की काफी दिक्कत है। इसलिए घर के कार्यों के लिए वह लोग ऐसे ही पानी की व्यवस्था करते हैं।

उसका कहना है कि वह खुद फांची बनाकर पानी ले जा रही है। साथ ही एक छोटा लड़का भी 2—2 लीटर पानी के बर्तन लेकर आता दिख रहा है। बकौल युवती यह बच्चा पहले दिल्ली में रहता था। यहीं नहीं वीडियो में जिस बालिका या युवती की आवाज आ रही है वह कह रही है कि उनकी बकरियां अभी छोटी हैं यदि यह बड़ी होती जो जरूर यह बकरियां भी पानी ढोने में उनकी मदद करती।  

वीडियो में युवती कह रही है कि उसके मम्मी पापा अब बूढ़े हो गये हैं और वह इतनी दूरी से पानी नहीं ला सकते है। वीडियो में युवती ने गढ़वाल का जिक्र किया हैं साथ ही बैल को स्थानीय भाषा(बल्द) के रूप में संबोधित कर रही हैं इससे लगता है कि वीडियो उत्तराखंड का है। 

यदि यह वीडियो उत्तराखंड गढ़वाल का है तो यह शर्म की बात है आज भी गांवों में लोग पानी को लेकर दर—दर भटकते रहते हैं। जबकि सरकार हर घर को नल या 1 रुपये में पानी का कनेक्शन देने की बात कर रही है। जबकि गांवों में पानी के लिए लोग नित नए जतन कर रहे है।

 युवती या बालिका ने जिस  अंदाज में यह समस्या बताई है आई है हम उम्मीद करते हैंं  कि यह जरूर पेयजल विभाग के कारिंदो तक पहुंचे और विभागीय नीतियां कम से कम इस गांव तक जरूर पहुंचे।

वीडियो में गढ़वाल का नाम कहा जा रहा है इसलिए लोग भी इसे पहाड़ के किसी जिले का बता रहे हैं। हालांकि वीडियो किस गांव का है उत्तरा न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता । बावजूद इस प्रकार का ज्वलंत मुद्दे का निस्तारण जरूर होना चाहिए चाहे वह कहीं का भी हो। 

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