तेंदुए के आतंक से दहशत के साये में जीने पर मजबूर ग्रामीण

Villagers forced to live in the shadow of panic due to leopard terror

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अल्मोड़ा। पाटिया क्षेत्र के कोट्यूडा ग्राम सभा में इन दिनों तेंदुए के आतंक से दहशत के साये में जीने पर मजबूर है। बीते सोमवार कह शाम 5 बजे कोट्यूडा निवासी खड़क राम अपने मवेशी लेकर घर की ओर लौट रहे थे तभी एक बैल उनके अन्य मवेशियों से पिछड़ गया। बैल को तेंदुए ने अपना निवाला बना लिया।

https://uttranews.com/2019/12/17/bageshwar-police-arrested-woman-who-sent-obscene-messages/

खड़क राम पेशे से एक किसान है तथा अपने बैल को खो देने के कारण अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है । उत्तरा न्यूज़ संवाददाता से वार्ता में उन्होंने से मुआवजा दिलाने की मांग की है। इससे पहले भी तेंदुआ कोट्यूडा निवासी महेंद्र सिंह बिष्ट के बछड़े को अपना निवाला बना चुका है। जंगली जानवरों के आतंक के साये में जी रहे लोग दिन ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैै।हाल ही में बोई गई गेहूं की फसल भी जंगली सूअरों की चपेट में है।