उत्तराखंड में जल विद्युत और सौर ऊर्जा उत्पादन में हुई रिकॉर्ड वृद्धि, बना ऊर्जा का पावर हाउस

उत्तराखंड के एक आर्थिक सर्वेक्षण में पता चला है कि राज्य में सिर्फ बिजली की खपत ही नहीं बल्कि उत्पादन भी उतनी तेजी से बड़ा…

n70332050417727664776071bf971c1224e0e5c10bb7e9ceb497920b6e76a644bf045703876eb614725e148

उत्तराखंड के एक आर्थिक सर्वेक्षण में पता चला है कि राज्य में सिर्फ बिजली की खपत ही नहीं बल्कि उत्पादन भी उतनी तेजी से बड़ा है। एक रिपोर्ट में बताया है कि उत्पादन में सर्वाधिक तेजी पिछले 3 सालों में हुई है।


राज्य गठन (वर्ष 2000) के सापेक्ष वर्ष 2022 तक प्रदेश ने अपनी ऊर्जा उत्पादन क्षमता 1.35 गुना कर ली, जबकि विगत तीन वर्षों में हुए प्रयासों से राज्य की कुल जल विद्युत क्षमता साढ़े चार गुना हो चुकी है।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272


आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में बिजली की खपत लगातार बढ़ती जा रही है वर्ष 2000 से अगर तुलना की जाए तो वर्ष 2022 में ऊर्जा खपत बढ़कर चार गुना हो गई थी जबकि 2025 में खपत 5.65 गुना हो चुकी है।


बताया जा रहा है कि राज्य के कुल खपत बिजली उत्पादन की रफ्तार धीमी थी लेकिन अब बिजली उत्पादन में उत्तराखंड ने नया रिकॉर्ड बनाया है राज्य में बढ़ते उद्योग पर्यटन गतिविधियों शहरीकरण और आधारभूत ढांचे के आधार पर ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ती जा रही है


राज्य में सौर ऊर्जा का विस्तार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2022 में राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता केवल 439 मेगावाट थी, जो वर्ष 2025 तक बढ़कर लगभग 1027 मेगावाट (करीब 1.03 गीगावाट) तक पहुंच गई है।


मात्र तीन वर्षों में सौर क्षमता में करीब 2.3 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि उत्तराखंड में पारंपरिक जलविद्युत के साथ-साथ हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है।


सौर परियोजनाओं के विस्तार से राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत हुई है। इससे भविष्य की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।


अभी प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन की संभावना दिखाई दे रही है इसी क्षमता को विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार का उपक्रम यूजेवीएन लिमिटेड लगातार काम कर रहा है।


वर्तमान में कंपनी 1.5 से 304 मेगावाट क्षमता तक के 21 जलविद्युत संयंत्र संचालित कर रहा है, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 1440.60 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें दस बड़े व 11 छोटे जलविद्युत उत्पादन प्रोजेक्ट हैं।


उत्तराखंड का ऊर्जा सेक्टर


बिजली उत्पादन
2000-01 – 3800 मिलियन यूनिट
2022 – 5157.27 मिलियन यूनिट
2025 – 16500 मिलियन यूनिट


बिजली खपत
2000-01 -3039 मिलियन यूनिट
2022 – 12518.8 मिलियन यूनिट
2025 – 17192 मिलियन यूनिट


सौर ऊर्जा क्षमता
2000-01 – शून्य
2022 -439 मेगावाट
2025 – 1027 मेगावाट


विद्युत उपभोक्ता
2001-02 – 8.4 लाख
2024-25 – 29.8 लाख


डिस्ट्रिब्यूशन लास
26.65% से घटकर 13.82%


कलेक्शन एफिशिएंसी
75% से बढ़कर 99%


अनिल यादव, एमडी यूपीसीएल का कहना है कि बिजली उत्पादन और खपत दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इससे आपूर्ति में सुविधा हुई है। अब बिजली खरीद के लिए यूपीसीएल को बाहरी साधनों पर अपेक्षाकृत कम निर्भर रहना पड़ता है।

Leave a Reply