उत्तराखंड आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिला दो महीने से वेतन, राज्यांश जिलों तक पहुंचा मगर केंद्रांश का इंतजार

उत्तराखंड के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2 महीने से वेतन नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक संगठन ने महिला सशक्तिकरण में बाल विकास मंत्री रेखा…

उत्तराखंड के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2 महीने से वेतन नहीं मिला है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक संगठन ने महिला सशक्तिकरण में बाल विकास मंत्री रेखा आर्या से इस मामले में मुलाकात की।

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मंत्री आर्या ने उन्हें बताया कि वेतन के लिए राज्यांश जनपदों तक पहुंच चुका है। वहीं दूसरी ओर केंद्रांश के लिए अभी भी वार्ता की जा रही है। बताया जा रहा है कि एक से डेढ़ हफ्ते में केंद्रांश भी जारी हो जाएगा।


आर्य से मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सेविका और मिनी कर्मचारी संगठन ने अपना मांग पत्र भी सौपे, जिसमें राज्य सरकार से वेतन में 140 रुपए प्रतिदिन की वृद्धि करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार से 150 रुपए प्रतिदिन की वृद्धि का प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया जा रहा है।


संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी का कहना है कि प्रदेश के करीब 41000 कार्यकर्ताओं का वर्तमान मानदेय नौ हजार 300 रुपये है, यदि मांग अनुरूप वृद्धि हुई तो मानदेय 18 हजार रुपये हो जाएगा।

अन्य प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सुपरवाइजर पदों पर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति पर एक लाख की एकमुश्त धनराशि देने संबंधी शासनादेश (जीओ) को जारी करने और पेंशन योजना के संबंध में शीघ्र जीओ जारी करने का अनुरोध किया।


आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन को लेकर विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। वेतन के लिए राज्यांश पहले ही जारी हो चुका है जिससे जनपद स्तर से जारी होने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर केंद्रांश के लिए वार्ता की जा रही है। उम्मीद है कि वह भी अगले एक से डेढ़ हफ्ते में जारी हो जाएगा।