अल्मोड़ा: पीडब्ल्यूडी कार्यालय घेराव मामले में कार्मिकों की नाराज़गी बरक़रार, पहुंचे डीएम दरबार

अल्मोड़ा: पीडब्ल्यूडी कार्यालय घेराव मामले में कार्मिकों की नाराज़गी बरक़रार है, पहली बार कर्मचारी जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यालय घेराव किए जाने पर ना केवल नाराज दिख…

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अल्मोड़ा: पीडब्ल्यूडी कार्यालय घेराव मामले में कार्मिकों की नाराज़गी बरक़रार है, पहली बार कर्मचारी जनप्रतिनिधियों द्वारा कार्यालय घेराव किए जाने पर ना केवल नाराज दिख रहे हैं वरन इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए उन्होंने जिला अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन भी दिया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि 18 जून को कुछ जनप्रतिनिधि(ज्ञापन में लिखा शब्द) एवं स्थानीय व्यक्ति नारेबाजी करते हुए अधिशासी अभियन्ता, प्रान्तीय खण्ड, लोक निर्माण विभाग, अल्मोड़ा के कार्यालय परिसर में आये।
कहा कि उस समय अधिशासी अभियन्ता अपने कार्यालय कक्ष में उपस्थित नहीं थे, बल्कि उसी परिसर में स्थित अधीक्षण अभियन्ता के कार्यालय में जांच संबंधी विभागीय कार्य हेतु उपस्थित थे।


आरोप लगाया कि अधिशासी अभियन्ता की अनुपस्थिति में उक्त व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति उनके कार्यालय कक्ष में प्रवेश किया गया।


ज्ञापन में कहा गया है कि अधीक्षण अभियन्ता के कार्यालय से कार्य पूर्ण कर अधिशासी अभियन्ता जब अपने कार्यालय कक्ष में पहुंचे, तब उक्त व्यक्तियों द्वारा कार्यालय कक्ष के अंदर लगातार अधिशासी अभियन्ता मुर्दाबाद आदि नारे लगाये जा रहे थे। संबंधित व्यक्तियों का विषय अल्मोड़ा माल रोड के डामरीकरण कार्य से संबंधित था, जिसके संबंध में विभागीय प्रक्रिया प्रचलित है। अधिशासी अभियन्ता द्वारा उपस्थित व्यक्तियों को उक्त कार्य की विभागीय प्रक्रिया एवं वास्तविक स्थिति के संबंध में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।

इसके बावजूद संबंधित व्यक्तियों द्वारा कार्यालय कक्ष में अमर्यादित एवं अशोभनीय व्यवहार किया गया। उनके द्वारा अनावश्यक नारेबाजी की गयी, टेबल को मारा गया, अधिशासी अभियन्ता को भ्रष्ट कहा गया, कालिख पोतने जैसी धमकीपूर्ण बातें कही गयीं तथा भय का वातावरण उत्पन्न किया गया। लगभग 25 से 30 व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति कार्यालय कक्ष में प्रवेश कर इस प्रकार का व्यवहार किया जाना शासकीय कार्यालय की गरिमा, लोक सेवक के सम्मान एवं शासकीय कार्यों के सुचारू संचालन के विपरीत है।

उक्त घटना अत्यंत गंभीर है तथा लोक सेवक के साथ शासकीय कार्यालय में इस प्रकार का अमर्यादित व्यवहार भविष्य के लिए चिंताजनक है। इस प्रकार की घटनाओं से अभियन्ताओं एवं अन्य शासकीय कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है तथा शासकीय कार्यों का सुचारू संचालन प्रभावित होता है। सभी ने उक्त घटना की जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही करते हुए आवश्यकतानुसार प्राथमिकी दर्ज करायी जाए। भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं पुलिस सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करायी जाए।
शासकीय कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक के साथ दुर्व्यवहार करने एवं कार्यालय की गरिमा भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अतः महोदय से निवेदन है कि उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करने की मांग की है।

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