SSJ University

SSJ University policy-making meeting concluded

अल्मोड़ा, 29 दिसंबर 2020
कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में नीति निर्धारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक विश्वविद्यालय (SSJ University)
मुख्यालय में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की गई।
बैठक में संकाय और विभाग स्तर पर विभिन्न शैक्षिक निकायों का गठन न होने से विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किए जा रहे विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों को अंगीकृत किए जाने को लेकर चर्चा हुई।

परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए शीघ्र ही परीक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में कुलपति की अध्यक्षता, परीक्षा नियंत्रक, सचिव, सभी संकायाध्यक्ष और 4 विद्यालयों, जिसमें 2 बड़े महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य को शामिल किया जाएगा।

बैठक में भविष्य में वित्तीय नियमों जैसे यात्रा भत्ता, मानदेय, परीक्षकों के देयकों के भुगतान के लिए नियमों को अंगीकृत किये जाने पर सहमति प्रदान की गई। विश्वविद्यालय में कई नवीन कोर्सों का संचालन करने की सहमति प्रदान की गई है। इसमें योग शिक्षा विभाग से सार्टिफिकेट इन योग, सीएनवाईएस, डीएनवाईएस कोर्स, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा एमए पत्रकारिता एवं जनसंचार और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा, मनोविज्ञान विभाग द्वारा पीजी डिप्लोमा इन गाइडेंस एंड काउंसलिंग, समाजशास्त्र विभाग द्वारा एमएसडबल्यू, कंप्यूटर साइंस विभाग द्वारा पीजीडीसीए, विधि संकाय द्वारा साइबर लाॅ और पीजी डिप्लोमा इन इंटलैक्चुअल पाॅपर्टी राइट आदि महत्ववूपर्ण पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति दी गई है।

यूकेडी (UKD)ने बनाया सैनिक प्रकोष्ठ, युवा संयोजक की तैनाती भी की


विश्वविद्यालय (SSJ University) के कार्यों के संचालन के लिएअनेको पदों पर प्राधिकारियों की नियुक्ति की गई। कुमाउं विश्वविद्यालय के परिनियमों को अंगीकृत करने, खेल संबंधित गतिविधियों के संचालन के लिए नियमों को बनाने, विद्यार्थियों से संबंधित शुल्क मुक्ति, छात्रसंघ संविधान आदि के निर्माण के लिए नियम अंगीकृत किए जाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय (SSJ University)
के विलय के बाद विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए व्यावसायिक शिक्षा केंद्र की स्थापना हो गयी है। एसएसजे परिसर, अल्मोड़ा के नाम बदले जाने और अन्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में कुलसचिव डाॅ. बिपिन चन्द्र जोशी ने कुलपति प्रो. भण्डारी के समक्ष प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय (SSJ University)
ने कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने बहुत ही कम समय में प्रगति की रफ्तार पकड़ी है। कुलपति प्रो. भंडारी ने कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने के साथ ही विश्वविद्यालय की प्रगति के मार्ग पर लाने हेतु निदेशक, संकायाध्यक्ष, सभी विभागाध्यक्ष के साथ बैठक कर विभागों को सक्षम विभाग बनाने की दिशा में कार्य कर दिया गया है।


उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो. भंडारी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग का गठन किया गया है, जो एक अलग विभाग होगा। इसके तहत आवासीय विश्वविद्यालय में संचालित किए जाने वाले कोर्सों को शामिल किया गया है।

SSJ University- बढ़ रहा है संवर रहा है क्लीन कैंपस -ग्रीन कैंपस अभियान


विश्वविद्यालय (SSJ University)
को क्लीन कैंपस ग्रीन कैंपस मुहिम संचालित कर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मुहिम चल रही है। इस नवीन विश्वविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय सिद्धान्त वाक्य हेतु समिति का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रतीक चिन्ह निर्माण हेतु समिति गठित की गई। विश्वविद्यालय परिनियमावली का गठन किया गया।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJ University) अल्मोड़ा द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी 2/एफ मान्यता प्रदान किए जाने हेतु पत्राचार किया गया, जिसमें यह मान्यता मिल चुकी है। कुलसचिव की तैनाती हो गई है। पंडित बद्रीदत्त पाण्डे पीजी काॅलेज बागेश्वर एवं लक्ष्मण सिंह महर पीजी काॅलेज पिथौरागढ़ को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के परिसर बनाने के लिए प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा, उत्तराखंड सरकार को पत्राचार किया गया है।


सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में निदेशक की तैनाती की गई, नवस्थापित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के लिए कुलगीत बनाए जाने के लिए एक समिति गठित की गई। शोध प्रसार निदेशक, परीक्षा नियंत्रक और विश्वविद्यालय के शासकीय एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन आदि विशेष कार्यों के लिए ओएसडी, परीक्षा नियंत्रक, शोध एवं प्रसार निदेशक आदि पदों पर नियुक्ति की गई।

एसएसजे विश्वविद्यालय (SSJ University Almora) एवं विज्ञान भारती द्वारा होगा राष्ट्रीय विज्ञान संवाद का आयोजन


अल्मोड़ा विश्वविद्यालय के कानूनी वादों के निपटान के लिए स्थायी अधिवक्ता की तैनाती की गई, राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाई गई, विश्वविद्यालय लोक सूचना अधिकारी और प्रथम अपीली अधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट का निर्माण किया गया है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का विधिक सलाहकार बना दिया गया है। विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया गतिमान है। विधि संकाय मे विधि पाठ्यक्रमों की मान्यता प्रदान करने के लिए भारतीय विधिज्ञ परिषद से पत्राचार आरंभ किया गया, जिसमें पाठ्यक्रमों को संचालित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मान्यता प्राप्त हुई विश्वविद्यालय क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती हो चुकी है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध 34 सरकारी महाविद्यालय एवं 3 प्राइवेट महाविद्यालयों से सूचनाओं का संकलन किया जा रहा है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का अल्मोड़ा एआईएसएचई में पंजीकरण करा लिया गया है शिक्षा संकाय द्वारा बीएड पाठ्यक्रम की मान्यता के लिए एनसीटीई, नई दिल्ली को पत्राचार किया गया है।


परफार्मिंग आर्ट के विभिन्न पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की अनुमति दी गई है। पूर्व में आवासीय विश्वविद्यालय अल्मोड़ा में काम कर रहे कर्मचारियों को अल्मोड़ा विश्वविद्यालय (SSJ University)
में समायोजित करने के लिए समिति बनाकर समायोजित किया गया। भारतीय विश्वविद्यालय संघ में पंजीकरण कराने के लिए पत्राचार किया गया है। एनआईआरएफ रैंकिंग में पंजीकरण करवाने के लिए समिति गठित की गई। नीति निर्धारण समिति का पुनर्गठन किया गया, जिसमें 15 सदस्यों को शामिल किया गया जिसमें परीक्षा नियंत्रक, वित नियंत्रक आदि शामिल है।


सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJ University) अल्मोड़ा की आधिकारिता क्षेत्र में आने वाले सभी परिसरों एवं महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के प्रवेश परिसरों/महाविद्यालयों स्तर पर वरीयता सूची बनाकर करवाये जाने का निर्णय किया गया है। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा की आधिकारिता क्षेत्र में आने वाले सभी परिसरों एवं महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के प्रवेश परिसरों, महाविद्यालयों स्तर पर वरीयता सूची बनाकर करवाए जाने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय में परीक्षा समिति का गठन किया गया है।


सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति कर रहा है। पर्वतीय क्षेत्र की जनभावना को दृष्टिगत रखते हुए इस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई है।
इस पूरे पर्वतीय क्षेत्र में छात्रों के भविष्य को देखते हुए भविष्य निर्माण, उनमें कौशल विकसित करने आदि के लिए यह विश्वविद्यालय नवीन प्रतिमान स्थापित कर रहा है। साथ ही आज विश्वविद्यालय की स्थापना के उपरांत की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए प्रसंशा व्यक्त की गई।


बैठक में प्रो. आरएस पथनी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुशील जोशी, प्रो. पुष्पा अवस्थी, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. अमित पंत, प्रो. जेएस बिष्ट, प्रो. अनिल जोशी, प्रो. विजया रानी ढौढियाल, डाॅ. डीएस बिष्ट, डाॅ. नवीन भट्ट, विपिन जोशी, देवेन्द्र पोखरिया, लियाकल अली आदि शामिल थे।

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