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तो इस बार मोबाइल एप से होगी भारत की जनगणना,140 साल के इतिहास में पहली बार होगा नया प्रयास,33 लाख कर्मचारी जुटेंगे जनगणना में

डेस्क। देश के विकास के लिए योजना बनानी हों, या देश के मानव संस्थाधन का सकारात्मक उपयोग करना हो इसके लिए देश की जनसख्या का…

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डेस्क। देश के विकास के लिए योजना बनानी हों, या देश के मानव संस्थाधन का सकारात्मक उपयोग करना हो इसके लिए देश की जनसख्या का सही आंकलन होना जरूरी है। यानी यह कहें कि जनसंख्या किसी भी राष्ट्र का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है, जिससे न केवल प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग संभव हो पाता है बल्कि कुशल, प्रशिक्षित और मेहनती श्रम शक्ति द्वारा आर्थिक और विकास का एक अलग रास्ता भी निकलता है। सरकार देश के मानव संशाधन की गणना के लिए हर 10 साल में अपने देश के नागरिकों की गणना करता है। लेकिन इस बार जो सूचना सामने आ रही है वह डिजिटल क्रांति की एक शानदार पहल होगी। सूचनाओं के अनुसार इस बार जनसंख्या की गणना मोबाइल ऐप से किया जाएगा, जिसके लिए सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है,यह देश में जनगणना के 140वें साल के इतिहास में पहली बार होगा जब जनगणना में मोबाइल एप का इस्तेमाल किया जाएगा।
दरअसल, दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा ने कहा है कि 2021 में होने वाली 16वीं जनगणना में मोबाइल एप का प्रयोग किया जाएगा,इसके लिए गणनाकरों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
यह जानना भी जरूरी है कि दुनिया की इस सबसे बड़ी जनगणना के लिए 33 लाख जनगणनाकर्मियों की आवश्यकता होगी, इसके लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है. जनगणनाकर्मियों के पास अपना मोबाइल इस्तेमाल करने का विकल्प होगा और इसके लिए उन्हें अलग से उचित राशि दी जाएगी, अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने वाले कर्मियों को कागज पर आंकड़े एकत्र कर उन्हें एप में डालना होगा.