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महिला आरक्षण पर घमासान: अल्मोड़ा के विधायक ने दी चुनौती, ‘अल्मोड़ा सीट को करें महिला आरक्षित, करूंगा स्वागत’

​अल्मोड़ा। महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने आज नगर के शिखर होटल…

Row over women's reservation: Almora MLA challenges, 'Reserve the Almora seat for women, I will welcome it'

​अल्मोड़ा। महिला आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। अल्मोड़ा के कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने आज नगर के शिखर होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर महिला आरक्षण के नाम पर देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए खुली चुनौती दी है।

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विधायक ने कहा कि सरकार अल्मोड़ा विधानसभा सीट को महिला आरक्षित करे, वह इसका पूरा स्वागत करेंगे। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि ऐसा होता है, तो उनके परिवार से कोई भी महिला चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि वह पूरी ताकत से पार्टी की अधिकृत महिला प्रत्याशी को चुनाव जिताने का काम करेंगे।


​2023 से 2026 तक नारी शक्ति के अपमान की याद क्यों नहीं आई?
विधायक मनोज तिवारी ने सवाल उठाया कि 21 सितंबर 2023 को केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण बिल लेकर आई और इसे सर्वसम्मति से पारित भी कर दिया गया, लेकिन इसे लागू क्यों नहीं किया गया? उन्होंने पूछा कि 2023 से 2026 के बीच क्या भाजपा के लोगों को नारी शक्ति के अपमान की याद नहीं आई? वर्तमान 543 लोकसभा सदस्यों में से ही महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दिया गया? इसके अलावा, इस दौरान देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, तो वहां इस आरक्षण को लागू क्यों नहीं किया गया?


​विपक्ष ने बिल का नहीं, जनसंख्या नियंत्रण के नुकसान का किया था विरोध
विधायक तिवारी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी पार्टियों ने महिला आरक्षण का कभी विरोध नहीं किया। विरोध का मुख्य कारण यह था कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर काम किया है, उन्हें परिसीमन के कारण इसका खामियाजा भुगतना पड़ता। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने 2010 में ही इस बिल को राज्यसभा में पास करवा दिया था, लेकिन तब यह लोकसभा में पास नहीं हो पाया था। विधायक ने मांग की कि 2027 के विधानसभा चुनावों में महिला आरक्षण को हर हाल में लागू किया जाए।


​अंकिता भंडारी केस और खिलाड़ियों के अपमान पर क्यों साधी चुप्पी?
भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए विधायक ने कहा कि जब उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की मां और पिता न्याय के लिए भटक रहे थी, जब उन्नाव, हाथरस और मणिपुर की बहन-बेटियों के साथ जघन्य अपराध हुए और जब देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला खिलाड़ियों का सड़कों पर अपमान किया गया, तब ये लोग चुप क्यों रहे?


​आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़े
प्रेस वार्ता के अंत में मनोज तिवारी ने सरकार से मांग की कि जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर्स के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को सरकार उचित सम्मान और अधिकार दे।
​इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष राधा बिष्ट, पार्षद अंजू बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, रीना टम्टा, तुलसी देवी और जानकी पांडे समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

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