अल्मोड़ा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, सुप्रसिद्ध होली गायक, रामलीला वादक और अद्वितीय संगीत शिक्षक धीरूभाई (धीरू उस्ताद) अब हमारे बीच नहीं रहे।
उनका हल्द्वानी में एक नीजि अस्पताल में निधन हो गया, उनके उपचार के लिए कई सामाजिक संगठन अपने स्तर से मदद जुटाने में लगे थे।
धीरेन्द्र प्रसाद उर्फ धीरू भाई पिछले कुछ समय से फेफड़ों, किडनी और लिवर की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय और बेस अस्पताल में उपचार के बाद, स्वास्थ्य अत्यधिक बिगड़ने के कारण उन्हें हल्द्वानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ सोमवार को उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली।
धीरू उस्ताद का जाना अल्मोड़ा और संपूर्ण उत्तराखंड के संगीत व रंगमंच जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी कला और संगीत शिक्षा से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। हल्द्वानी में उनके उपचार के लिए प्रयासरत लोग पिछले कई दिनों से जी जान से लगे हुए थे।
धीरू भाई अल्मोड़ा के मकेड़ी गांव में रहते थे वह जीवन भर संगीत साधना में लगे रहे। परिवार में उनकी पत्नी और बिटिया है। उनके निधन पर अनेक रंगकर्मियों ने गहरा शोक जताया है।

